आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को अधिकारियों को काकीनाडा जिले में आग दुर्घटना से प्रभावित आदिवासी परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। दरअसल, काकीनाडा जिले के सरलंका गांव में आदिवासी परिवारों के लगभग 40 फूस के मकान सोमवार को जलकर खाक हो गए, हालांकि इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ।
25000 का राहत राशि दी जाएगी
नायडू ने एक विज्ञप्ति में कहा"पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जानी चाहिए। प्रत्येक प्रभावित परिवार को आज 25,000 रुपये की तत्काल राहत राशि प्रदान की जा रही है।" इसी बीच, वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने घटना पर हैरानी जताई। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को 1 लाख रुपये प्रति परिवार प्रदान करे।
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जिनके घर जले हैं, उन्होंने नया घर स्वीकृत किया जाए
इस बीच, वाईएसआरसीपी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आग लगने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। रेड्डी ने एक बयान में कहा, "यह घटना बेहद दुखद है। आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरी बस्ती राख में तब्दील हो गई।" पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों को तुरंत आश्रय और भोजन उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि किसी भी पीड़ित को कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की और उन सभी लोगों के लिए नए घरों को स्वीकृत करने का आह्वान किया जिन्होंने अपने घर खो दिए थे। विपक्षी नेता ने यह भी अपील की कि जब तक स्थायी मकानों का निर्माण और उन्हें सौंप नहीं दिया जाता, तब तक पीड़ितों को आवश्यक आवास और आवश्यक सहायता प्रदान की जानी चाहिए।