डीएमके के मुप्पेरुम विझा को संबोधित करते हुए स्टालिन ने हिंदी थोपने, केंद्र द्वारा तमिलनाडु को एनईईटी से छूट देने से इनकार करने, राज्य को शिक्षा निधि जारी न करने और कीलाडी निष्कर्षों की प्राचीनता को छिपाने जैसे मुद्दे गिनाए। उन्होंने कहा कि इसलिए भाजपा के लिए तमिलनाडु में प्रवेश वर्जित है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा पर तमिलनाडु में प्रवेश वर्जित है। उन्होंने डीएमके की ओर से केंद्र सरकार शब्द का प्रयोग किए जाने की वजह भी बताई।
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डीएमके के मुप्पेरुम विझा को संबोधित करते हुए स्टालिन ने हिंदी थोपने, केंद्र द्वारा तमिलनाडु को एनईईटी से छूट देने से इनकार करने, राज्य को शिक्षा निधि जारी न करने और कीलाडी निष्कर्षों की प्राचीनता को छिपाने जैसे मुद्दे गिनाए। उन्होंने कहा कि इसलिए भाजपा के लिए तमिलनाडु में प्रवेश वर्जित है। उन्होंने कहा कि राज्य राष्ट्र की मजबूत नींव का निर्माण करते हैं, हम इस बात पर जोर देते हैं। इसलिए डीएमके केंद्र सरकार शब्द का प्रयोग करती है।
एआईएडीएमके को लेकर उन्होंने कहा कि इस पार्टी की स्थापना के वक्त जब इसकी विचारधारा के बारे में पूछा गया था तो पार्टी ने कहा था कि अन्नावाद द्रविड़ नेता सीएन अन्नादुरई के सिद्धांत इसकी विचारधारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पलानीस्वामी के शासन में यह आदिमयवाद (दासता) बन गया। पलानीस्वामी ने अब केंद्रीय मंत्री अमित शाह के सामने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया है।
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स्टालिन ने कहा कि बदलाव का वादा करने वाली कई पार्टियां गायब हो गई हैं, लेकिन डीएमके मजबूत बनी हुई है। तमिलनाडु भाजपा के लिए नो-एंट्री जोन है। इस राज्य में डीएमके को कोई नहीं हरा सकता। करूर सिर्फ एक ज़िला नहीं, बल्कि डीएमके की अपनी जमीन है।
उन्होंने कहा कि 2019 के बाद से डीएमके ने अपने सभी चुनावों में जीत हासिल की है। यह कोई सामान्य जीत नहीं है। हमने सभी दुश्मनों को हिलाकर रख दिया है। यह जीत 2026 के विधानसभा चुनाव में भी जारी रहेगी। द्रविड़ मॉडल 2.0 शासन जरूर बनेगा।