चुनाव आयोग के बंगाल की मुख्यमंत्री पर लगाए गए 24 घंटे के प्रतिबंध के विरोध में ममता बनर्जी ने मंगलवार को तीन घंटे तक धरना दिया। वह दोपहर 12 बजे कोलकाता के मायो रोड पहुंचीं। गांधी मूर्ति के पास तीन घंटे तक बैठे रहने के साथ उन्होंने पेंटिंग बनाकर लोगों को दिखाई।
हालांकि, इस दौरान तृणमूल के किसी नेता या समर्थक को ममता बनर्जी के पास नहीं देखा गया। इस संबंध में सवाल किए जाने पर तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, प्रदर्शन स्थल के निकट किसी पार्टी नेता को जाने की अनुमति नहीं हैं। वह वहां अकेली बैठी हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के केंद्रीय बलों के खिलाफ बयानों और धार्मिक प्रवृत्ति वाले एक बयान के कारण 24 घंटे तक उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी थी। इस फैसले की निंदा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि वह आयोग के ‘असंवैधानिक एवं अलोकतांत्रिक फैसले’ के खिलाफ मंगलवार को शहर में धरना देंगी।
उन्होंने ट्वीट किया था, निर्वाचन आयोग के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक फैसले के विरोध में मैं कल (मंगलवार) दिन में 12 बजे से कोलकाता में गांधी मूर्ति के पास धरने पर बैठूंगी। इसके तहत ममता बनर्जी सोमवार की रात 8 बजे से मंगलवार की रात 8 बजे तक प्रचार नहीं कर सकेंगी। हालांकि, ममता रात 8 बजे के बाद ही दो रैलियों को संबोधित करेंगी।
सेना की ओर से धरने के लिए नहीं मिला एनओसी
ममता को अब तक सेना की पूर्वी कमान से धरना देने की अनुमति नहीं मिली है। गौरतलब है कि ममता जहां धरना दे रही हैं वह क्षेत्र सेना के अधिकार क्षेत्र में आता है। सेना के पूर्वी कमान को सुबह धरने को लेकर एनओसी के लिए टीएमसी की ओर से आवेदन दिया गया था।
एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि बनर्जी जहां धरना दे रही हैं, वह क्षेत्र सेना का है और तृणमूल को इसके लिए अभी तक अनुमति नहीं मिली है। रक्षा प्रवक्ता ने कहा, मैं सभी को सूचित करने के लिए यह बताना चाहता हूं कि हमें अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए तृणमूल से आज (मंगलवार) सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर अर्जी मिली। इससे संबंधित प्रक्रिया अभी चल रही है।
भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को चुनाव आयोग का नोटिस
चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष को एक विवादित सार्वजनिक बयान देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग ने बयान को भड़काऊ और लोगों को उकसाने वाला माना है, जो कि चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
आयोग ने घोष को बुधवार की सुबह 10 बजे तक उत्तर 24 परगना के बारंगर में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए की गई टिप्पणी पर अपना जवाब देने को कहा है। एक चुनावी रैली में घोष ने कहा था, यदि शरारती लड़के नहीं मानते हैं और कानून को अपने हाथ में लेते हैं, तो अगले फेज में भी कोच बिहार जैसी घटना हो सकती है।