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CM Mamata In NITI Aayog: जदयू का सवाल, क्या ममता NDA में शामिल होंगी; सीतारमण बोलीं- विपक्ष को खुश रखने की चाह

Sun, 28 Jul 2024 04:34 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केसी त्यागी ने मीडिया से कहा, विपक्षी गठबंधन इंडिया के सभी सदस्यों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। बावजूद इसके, ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वह एनडीए में शामिल होना चाहती हैं। 
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निर्मला सीतारमण, ममता बनर्जी, केसी त्यागी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शामिल होने पर सियासत शुरू हो गई है। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने उन पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वह सत्तारूढ़ एनडीए में शामिल होंगी। दूसरी तरफ, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उस बयान को लेकर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ नीति आयोग का आज का व्यवहार अस्वीकार्य है। वहीं, ममता बनर्जी के दावे को 'निराधार' बताते हुए कहा कि वह विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं को खुश रखने का प्रयास कर रही हैं।

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केसी त्यागी ने मीडिया से कहा, विपक्षी गठबंधन इंडिया के सभी सदस्यों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। बावजूद इसके, ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वह एनडीए में शामिल होना चाहती हैं। 

इससे पहले, ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में उन्हें पांच मिनट से ज्यादा बोलने नहीं दिया गया, जबकि अन्य मुख्यमंत्रियों को अधिक समय दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं बोलना चाहती थी, लेकिन मेरा माइक बंद कर दिया गया। ममता ने बैठक के बीच से ही बाहर निकलकर कहा, विपक्ष से मैं अकेली थी, लेकिन फिर भी मुझे बोलने की अनुमति नहीं दी गई। यह अपमानजनक है। 
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इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ममता बनर्जी के इस दावे को खारिज कर दिया कि नीति आयोग की बैठक के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मुख्यमंत्री को बोलने के लिए उचित समय आवंटित किया गया था। प्रत्येक टेबल के सामने स्क्रीन पर समय प्रदर्शित किया गया था। सीतारमण ने बनर्जी के दावे को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि बंगाल की मुख्यमंत्री बैठक में शामिल हुईं और अपना पक्ष रखते हुए विपक्ष के लिए बात की, लेकिन उन्हें बैठक से बाहर निकलने के लिए माइक बंद का बहाना बनाने के बजाय अधिक समय का अनुरोध करना चाहिए था। सीतारमण ने कहा, ममता को झूठ पर आधारित कहानी गढ़ने के बजाय सच बोलना चाहिए। 

इसके अलावा, सीतारमण ने एक्स पर जयराम रमेश को जवाब दिया। कहा कि नीति आयोग की बैठक में हम सभी ने माननीय मुख्यमंत्री को सुना। उन्होंने अपना पूरा समय बोला। हमारी टेबल के सामने स्क्रीन समय दिखाती रही। मुख्यमंत्री का माइक बंद नहीं किया गया था। कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों ने अपने आवंटित समय से अधिक समय तक बात की, उन्हें अनुरोध के बाद बोलने की अनुमति दी गई। लेकिन ममता बनर्जी ने अधिक समय बोलने के लिए अनुरोध नहीं किया। उन्होंने सिर्फ झूठ फैलाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री द्वारा निराधार बाते कहने के बाद, मैं केवल यह निष्कर्ष निकाल सकती हूं कि वह विपक्षी गठबंधन इंडिया को खुश रखने का एक प्रयास कर रही हैं। 

इससे पहले, नीति आयोग पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा, 'दस साल पहले स्थापित होने के बाद से, नीति आयोग पीएमओ का एक संबद्ध कार्यालय रहा है और गैर-जैविक पीएम के लिए ढोल बजाने वाले के रूप में कार्य किया है। आयोग ने किसी भी तरह से सहकारी संघवाद के उद्देश्य को आगे नहीं बढ़ाया है। इसकी कार्यप्रणाली स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण और खराब रही है। आयोग सभी भिन्न और असहमति वाले दृष्टिकोणों को दबा देता है, जो एक खुले लोकतंत्र का सार हैं। इसकी बैठकें एक दिखावा हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ आज नीति आयोग का व्यवहार अस्वीकार्य है। 

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