अरविंद केजरीवाल और सात अन्य लोगों के डेनमार्क जाने के आवेदन को मंजूरी नहीं मिलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बयान जारी कर कहा कि, हमें हर महीने राजनीतिक मंजूरी के लिए सैकड़ों अनुरोध मिलते हैं। विदेश मंत्रालय का निर्णय कई सूचनाओं पर आधारित होता है। इसमें सम्मेलन की प्रकृति का भी ध्यान रखा जाता है, जहां व्यक्ति भाग लेने जा रहा है। साथ ही अन्य देशों की भागीदारी के स्तर, आमंत्रण का प्रकार, आदि को ध्यान में रखकर मंजूरी दी जाती है।
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि, एक पैनल चर्चा में एक वक्ता के रूप में दिल्ली के मुख्यमंत्री की भागीदारी अन्य देशों से भागीदारी के स्तर के अनुरूप नहीं थी। केजरीवाल दुनिया के सबसे बड़े और आबादी वाले शहरों में से एक और भारत की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। इसलिए उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की सलाह दी गई।