मंगलवार को बेलगावी में आरक्षण की मांग कर रहे पंचमसाली समुदाय का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान पथराव किया गया। इसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। इसके चलते पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। पंचमसाली समुदाय की मांग है कि उनको 2A श्रेणी में शामिल किया जाए। इस श्रेणी में शिक्षा संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण मिलता है।
बेलगावी में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लिंगायत पंचमसाली समुदाय पर किए गए लाठीचार्ज को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सही बताया। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ लेने का किसी को हक नहीं है। कानून को हाथ में लेने वालों और लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार आंखें मूंद नहीं सकती है।
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सीएम ने कहा कि सरकार को पंचमसाली समुदाय द्वारा की जा रही आरक्षण की मांग और आंदोलन से कोई समस्या नहीं है। लेकिन इसका सही रास्ता शांतिपूर्ण विरोध है। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ नहीं लेना चाहिए। अगर कोई ऐसा करेगा या लोगों को परेशान करेगा तो सरकार आंखें नहीं मूंदेगी।
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। चाहे वह स्वामी हों या कोई और। हर कोई अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन सरकार संविधान के मुताबिक ही काम करेगी। पंचमसाली समुदाय के लोगों पर विधानसभा की घेराबंदी के दौरान पुलिस की ओर से पथराव करने के विपक्ष के आरोपों को लेकर सीएम ने कहा मेरे पास आंदोलनकारियों की ओर से पत्थर फेंके जाने और बैरिकेड को धक्का देकर अंदर घुसने के तस्वीरें हैं। जिसे पर वह दिखाएंगे।
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उन्होंने कहा कि स्वामी सड़क पर क्यों बैठे? अगर प्रदर्शनकारियों ने पत्थर नहीं फेंके थे तो 20 पुलिसकर्मी कैसे घायल हो गए? क्या पुलिसकर्मियों ने खुद पर पत्थर फेंके थे? मेरे पास सारे सबूत हैं। मेरी पंचमसाली समुदाय को सलाह है कि वे अपनी मांगों के समाधान के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के पास जाएं।
क्या है मामला
मंगलवार को बेलगावी में आरक्षण की मांग कर रहे पंचमसाली समुदाय का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इस दौरान पथराव किया गया। इसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। इसके चलते पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। पंचमसाली आंदोलनकारी कुदालसंगमा मठ के पुजारी बसव जयमृत्युंजय स्वामी के नेतृत्व में सुवर्ण विधान सौध (विधानसभा) की घेराबंदी करने जा रहे थे। पंचमसाली समुदाय की मांग है कि उनको 2A श्रेणी में शामिल किया जाए। इस श्रेणी में शिक्षा संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। वर्तमान में यह समुदाय 3B श्रेणी में है, जिसमें पांच प्रतिशत आरक्षण मिलता है।