गुजरात विधानसभा में लगातार तीसरे दिन जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल कांग्रेस ने कच्छ सेक्स रैकेट मामले में राज्य की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए। इससे बजट सत्र पूरी तरह प्रभावित रहा और प्रश्नकाल पूरा नहीं हो सका। हालांकि, बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय रुपानी इस मामले में न्यायीक जांच के लिए तैयार हो गए।
During assembly proceedings CM Vijay Rupani informs that state govt has agreed for judicial enquiry in Kutch sex racket case. pic.twitter.com/y0xtqFGp4F
— ANI (@ANI_news) February 22, 2017
बताते चलें कि गुजरात के कच्छ जिले में एक महिला ने भाजपा नेता सहित 10 लोगों पर रेप करने और सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया। इस मामले में नलिया कस्बा थाने में 25 जनवरी को एफआईआर दर्ज किया गया था। पीड़िता ने एफआईआर में बीजेपी नेता शांतिलाल सोलंकी, गोविंद परुमलानी, अजीत रमवानी और वसंत भानुशाली के साथ कुछ स्थानीय कारोबारियों पर भी आरोप लगाए।
मंगलवार को कांग्रेस के सदस्य स्पीकर के आसन के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इससे नाराज विधानसभा अध्यक्ष रमनलाल वोरा ने 48 कांग्रेसी विधायकों को निलंबित कर दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि अगस्त 2015 में वह नौकरी की तलाश में नलिया आई थी। यहां उसकी मुलाकात शांतिलाल सोलंकी से हुई। उन्होंने उसे गैस एजेंसी में क्लर्क की नौकरी दी। उनसे आरोप लगाया कि वह एडवांस सैलरी लेने गई तो उसकी कोल्ड ड्रिंग में नशीला पदार्थ मिलाकर रेप किया गया। इस मामले में उसने दो और लोगों पर आरोप लगाया।