असम के सीएम ने कहा कि भाजपा जैसी राष्ट्रवादी पार्टी में ऐसी किसी गतिविधि या इस तरह के बयान देने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि संजय किशन ने उल्फा से माफी मांगकर बड़ी गलती की है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को अपनी ही सरकार में मंत्री संजय किशन को चेतावनी दी है। यह चेतावनी उन्हें उनकी उस माफी के लिए दी गई है जो उन्होंने प्रतिबंधित उल्फा (आई) के प्रमुख को झूठा कहने के बाद मांगी थी।
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शिवसागर में गरीब कल्याण सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे असम के सीएम ने कहा कि भाजपा जैसी राष्ट्रवादी पार्टी में ऐसी किसी गतिविधि या इस तरह के बयान देने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि संजय किशन ने उल्फा से माफी मांगकर बड़ी गलती की है। मैंने उनसे साफ कह दिया है कि भाजपा जैसी राष्ट्रवादी पार्टी में ऐसा काम करने की कोई गुंजाइश नहीं है। मैंने उन्हें चेतावनी दी है कि वह भविष्य में ऐसा कदम कभी नहीं उठाएंगे। मैंने उन्हें भारत की राष्ट्रीय एकता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की सलाह दी है।
जारी किया था कारण बताओ नोटिस
इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 28 मई को असम के श्रम कल्याण मंत्री किशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। किशन को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था, जिसमें उनसे यह बताने के लिए कहा गया था कि उन्होंने आतंकवादी संगठन से माफी क्यों मांगी।
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उल्फा (आई) ने दी थी बहिष्कार की धमकी
तिनसुकिया विधानसभा से विधायक संजय किशन ने 13 मई को उल्फा (आई) के प्रमुख परेश बरुआ को झूठा कहा था। इसके अगले दिन संगठन ने एक बयान जारी करते हुए माफीनामे की मांग की थी। संगठन ने डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में किशन का बहिष्कार सुनिश्चित करने की धमकी देते हुए उन्हें माफी मांगने के लिए 24 घंटे का समय दिया था।
उस समय किशन ने कहा था कि मैंने बरुआ की भावनाओं को आहत करने के लिए कुछ नहीं कहा था और अगर अनजाने में मैंने ऐसा कुछ कह दिया है तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। इसके बाद उल्फा (आई) ने एक और बयान जारी किया था और भाजपा नेता के बहिष्कार के कदम को वापस लेने की बात कही थी। उल्फा (आई) ने पिछले साल सरमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार के साथ सर्वसम्मति से संघर्ष विराम का एलान किया था।