असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने आज विधानसभा में अल्पसंख्यकों की परिभाषा को लेकर बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की परिभाषा जिलेवार बदली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाय बागान के लोग अल्पसंख्यक नहीं हैं क्योंकि उनके पास ओबीसी प्रमाण पत्र हैं और ईसाई के रूप में अल्पसंख्यक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सरमा ने कहा कि असम सरकार राज्य स्तर पर अल्पसंख्यकों की पहचान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी डालेगी। उन्होंने कहा कि हमारा मत है कि अल्पसंख्यकों की परिभाषा जिलेवार बदली जानी चाहिए। हमारी याचिका केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों तक ही सीमित रहेगी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को लेकर अभी भी कुछ संदेह है। जो लोग अति पिछड़ा वर्ग के तहत छात्रवृति ले रहे हैं वे भी अल्पसंख्यकों की गिनती में आ रहे हैं। इसलिए इस तरह मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में उठाए जाएंगे।