असम-मेघालय के बीच हिंसा बढ़ने के बाद सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति हो गई थी। जिसके बाद दोनों सीमाओं से वाहन गुजरने में डर रहे थे। वहीं इस मामले पर सीएम सरमा ने चुप्पी तोड़ दी है।
असम-मेघालय सीमा पर गोलीबारी की घटना में कई लोगों के मारे जाने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। दोनों सीमाओं से वाहन तक गुजरने में डर रहे थे। लेकिन अब इस मामले पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि पुलिस को जनता पर गोली नहीं चलानी चाहिए। इस घटना से असम और मेघालय के संबंधों में कोई समस्या नहीं आएगी। दोनों राज्यों के बीच वाहन चल रहे हैं।
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सीमा पर सात सीमा चौकियां (बीओपी) स्थापित होंगी
मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने कहा कि मेघालय सरकार असम के साथ सीमा पर सात सीमा चौकियां (बीओपी) स्थापित करेगी। पूर्वी जयंतिया हिल्स में मूरियाप बीओपी, पश्चिम जयंतिया हिल्स में मुकरोह बीओपी और तिहवीह बीओपी, री-भोई में रानी-जिरांग बीओपी, उमवाली बीओपी, लेजदुबी बीओपी और लंगपीह वेस्ट खासी हिल्स में बीओपी।
वहीं मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अध्यक्षता में शिलांग में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने मेघालय में सीमावर्ती क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों में चौकियों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
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फायरिंग में हो गई थी छह लोगों की मौत
असम-मेघालय सीमा पर बीते मंगलवार की सुबह हुई हिंसा में एक वन रक्षक सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। असम के वन कर्मियों द्वारा अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से लदे एक ट्रक को रोका गया था।
असम ने मेघालय के लिए यात्रा प्रतिबंध हटाया
असम ने मेघालय के लिए लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को रविवार को हटा लिया था। प्रतिबंध करीब छह दिन के बाद हटाए गए। जानकारी के मुताबिक, असम से वाहनों को अब मेघालय में प्रवेश की अनुमति है। जहां भी आवश्यक है, वहां वाहनों को सुरक्षा घेरे में ले जाया जा रहा है। अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त की व्यवस्था की गई है। इससे पहले असम पुलिस ने एक परामर्श जारी कर लोगों से मंगलवार को हुई घटना के बाद पड़ोसी राज्य की यात्रा करने से बचने को कहा था।