राष्ट्रपति शासन मामले में भाजपा और केंद्र सरकार से सियासी और कानूनी लड़ाई जीतने के बाद भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। सीबीआई ने राज्य में राजनीतिक संकट के दौरान सामने आए स्टिंग ऑपरेशन मामले में रावत को पूछताछ के लिए समन भेजा है। उन्हें पूछताछ के लिए 24 मई को दिल्ली तलब किया गया है।
इस दौरान रावत से राजनीतिक संकट के दौरान ही सामने आए दूसरे स्टिंग ऑपरेशन के संदर्भ में भी पूछताछ की जाएगी।
गौरतलब है कि सीबीआई इस मामले में रावत को 9 मई को ही पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि, तब रावत ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हुए थे। रावत की मुश्किल यह भी है कि नैनीताल हाईकोर्ट पहले ही स्टिंग ऑपरेशन की सीबीआई जांच को निरस्त करने से इनकार कर चुका है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक रावत से राजनीतिक संकट के दौरान सामने आए दोनों स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े तथ्यों पर पूछताछ की जाएगी। सीबीआई ने रावत से पूछताछ के लिए प्रश्नावली तैयार कर ली है। उनसे सीबीआई मुख्यालय में ही पूछताछ की जाएगी।
भाजपा और केंद्र की रणनीति स्टिंग मामले में हर हाल में रावत को घेरे रखने की है। केंद्र पहले ही इस आशय का संकेत दे चुका है। जबकि भाजपा का मानना है स्टिंग मामले को तूल दे कर रावत की छवि धूमिल की जा सकती है। चूंकि नैनीताल हाईकोर्ट ने भी जांच निरस्त करने से इंकार कर दिया है, ऐसे में भाजपा को इस मामले में रावत को घेरने में सहूलियत हुई है।