महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डॉ. बीआर आंबेडकर के बारे में दिए बयान को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को मंगलवार को नाटक करार दिया। साथ ही कहा कि संसद का समय बर्बाद करने के लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।
गांधी परिवार ने हमेशा आंबेडकर का विरोध किया
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाया है कि कैसे गांधी परिवार ने हमेशा आंबेडकर का विरोध किया। शाह के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी विरोध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह नाटक है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को अमित शाह का अधूरा वीडियो ट्वीट करने और संसद का समय बर्बाद करने तथा अब लोगों का समय बर्बाद करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।'
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी आंबेडकर को सम्मान नहीं दिया, लेकिन अब वह राजनीति के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करना चाहती है।
'विपक्ष हर घटना को राजनीति का रंग दे रहा', बीड सरपंच हत्या मामले पर फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि बीड जिले में हाल ही में हुई सरपंच की हत्या को विपक्ष राजनीति का रूप देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति बीड जिले के लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश नहीं करेगा।
उन्होंने भाजपा विधायक सुरेश के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने स्थानीय राकांपा नेता वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी की मांग की थी। सुरेश ने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री को खुद बीड जिले का गार्जियन मंत्री बनना चाहिए। इस पर फडणवीस ने कहा, 'मैं और उपमुख्यमंत्रियों अजित पवार और एकनाथ शिंदे मिलकर तय करेंगे कि कौन गार्जियन मंत्री बनेगा, लेकिन बीड में किसी को भी लोगों को धमकाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'
क्या बोले थे शाह, जिस पर छिड़ गया विवाद
राज्यसभा में संविधान पर बहस के दौरान पिछले हफ्ते शाह ने कहा था, 'अभी एक फैशन हो गया है - आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।'
बुधवार को शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके बयान को मोड़कर पेश किया और तथ्यों को विकृत किया। लोकसभा और राज्यसभा में आंबेडकर के कथित अपमान को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके कारण दोनों सदन शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।