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फडणवीस ने योगी से पूछा- किसानों का कर्ज कैसे माफ किया

Fri, 07 Apr 2017 03:54 AM IST
सुरेन्द्र मिश्र / अमर उजाला, मुंबई
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उत्तर प्रदेश में किसानों की कर्जमाफी के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए राज्य के किसानों की मांग को नजरंदाज करना मुश्किल हो गया है। इसको लेकर चिंतित फडणवीस ने सीधे यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को फोन घुमाया और उनसे पूछा कि आपने किसानों का कर्ज कैसे माफ किया। हमें भी इसका फार्मूला बताएं।
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महाराष्ट्र में किसान लंबे समय से कर्जमाफी की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस-एनसीपी कर्जमाफी की मांग को लेकर आक्रामक हैं। लेकिन, सरकार में सहयोगी दल शिवसेना ने भी विपक्ष को समर्थन देकर सरकार पर कर्जमाफी का दबाव बनाया है। इसलिए मुख्यमंत्री फडणवीस काफी उलझन में हैं।

सूत्रों के अनुसार उन्होंने बुधवार की रात में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से टेलीफोन पर संवाद साधा और 15 मिनट से अधिक समय तक उनसे वार्ता की। फडणवीस ने फोन पर ही उनसे पूछा कि आपने कैसे किसानों का कर्ज माफ किया।
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दरअसल, योगी सरकार ने केंद्र सरकार से कोई आर्थिक सहयोग लिए बिना रामनवमी के मौके पर सूबे के 86.88 लाख किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफ कर दिया है। यूपी में किसानों की कर्जमाफी से सरकार की तिजोरी पर 36,359 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसके लिए योगी सरकार किसान राहत बांड लाएगी।

अब महाराष्ट्र में सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना भी किसान कर्जमाफी के लिए यही फार्मूला अपनाने की मांग कर रही है। महाराष्ट्र में एक करोड़ 36 लाख किसान हैं जिसमें से एक करोड़ आठ लाख किसानों पर कर्ज है।

इसलिए किसानों की कर्जमाफी के लिए तीस हजार पांच सौ करोड़ रुपये की जरूरत है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 1 करोड़ सात लाख सीमांत किसान हैं जिनके पास तीन एकड़ से कम खेती है। वहीं, ढाई एकड़ जमीनधारक की संख्या 67 लाख है। सीमांत किसानों के कर्ज की सीमा तकरीबन 10 हजार करोड़ रुपये ही है जबकि पास पांच एकड़ या उससे अधिक खेतिहर किसानों पर 20 हजार करोड़ रुपये का कर्जा है।

सत्तापक्ष-विपक्ष सभी कर रहे हैं योगी की तारीफ
यूपी में किसान कर्जमाफी के फैसले का महाराष्ट्र में काफी असर पड़ा है। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे में नेताओं की जुबान पर योगी ही छाए हुए हैं। सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष सभी उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। भाजपा पर लगातार हमलावर और सत्ता में सहयोगी शिवसेना भी योगी के फैसले की कायल हो गई है। वहीं, विपक्ष के कुछ नेता ऐसे भी हैं जो  कह रहे हैं कि अब महाराष्ट्र के इतने दुर्दिन आ गए कि हमें कर्जमाफी के लिए उत्तर प्रदेश से सीखना पड़ेगा।
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