कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट फेरबदल पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। पार्टी के भीतर कई विधायक मंत्री बनने की मांग कर रहे हैं और करीब 40 विधायकों का समूह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में है। पढ़िए रिपोर्ट-
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि कैबिनेट फेरबदल पर फैसला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर बदलाव लाने के लिए दबाव बढ़ रहा है और नए चेहरों को मौका देने की मांग तेज हो गई है।
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कैबिनेट में फेरबदल की मांग पर जी परमेश्वर ने क्या कहा?
कुछ विधायक पहले ही तय कर चुके हैं कि वे उपचुनाव के बाद इस महीने के अंत में हाईकमान से मिलने के लिए नई दिल्ली जाएंगे। कैबिनेट फेरबदल पर चर्चा करेंगे। परमेश्वर ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, 'मैं नहीं जानता कि क्या फेरबदल पर क्या होगा। इसके बार में मैं क्या कह सकता हूं? फैसला मुख्यमंत्री और शीर्ष कमान का है। यह पूरी तरह उनके अधिकार में है।'
'मंत्री बनना चाहते हैं दो से चार बार चुने गए विधायक'
उन्होंने बताया कि हाईकमान हर बात पर नजर रखेगी। परमेश्वर ने कहा, पहली बार चुने गए विधायक आए हैं और उन्होंने कहा कि वे मंत्री बनना चाहते हैं। साथ ही दो से चार बार चुने गए विधायक भी मंत्री बनना चाहते हैं। उन्होंने अलग-अलग रात्रिभोज बैठकें करके इस पर चर्चा की। उन्होंने ये बात हाईकमान के संज्ञान में ला दी हैं। नेतृत्व इस पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
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हाईकमान मामले का समाधान निकालेगी: जी परमेश्वर
उन्होंने कहा, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के प्रभारी महासचिव इस मामले का पर्यवेक्षण करेंगे। अपने स्तर पर इसका समाधान निकालने का प्रयास करेंगे या नेतृत्व को रिपोर्ट को रिपोर्ट करेंगे। कांग्रेस के लिए ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं। कई राज्यों में सरकार चलाते समय ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और हाईकमान इसकी जांच करके मामले को सुलझाएगी। वे ऐसा करेंगे।
11 अप्रैल को हाईकमान से मिलेगा 40 विधायकों का समूह
पिछले महीने कुछ वरिष्ठ विधायक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मिले थे। ये विधायक तीन बार से ज्यादा चुने जा चुके हैं। उन्होंने कैबिनेट में बदलाव की मांग की थी। मंत्री बनने का मौका मांगा था। करीब 40 विधायकों का यह समूह 11 अप्रैल को दिल्ली जाएग। ये विधायक कम से कम 20 को मंत्री बनाने की मांग करेंगे।
नौ अप्रैल को बागलकोट और दावणगेरे सीटों पर उपचुनाव
बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर नौ अप्रैल को उपचुनाव होंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एचवआई मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद ये उपचुनाव जरूरी हो गए हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले उम्मीदवारों के एक समूह ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की। उन्होंने कैबिनेट फेरबदल पर चर्चा की। कुछ पहली और दूसरी बार चुने गए विधायकों ने हाल ही में मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग की है।