कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को झटका देेते हुए भूमि अधिसूचना रद्द करने के मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी।
लोकायुक्त पुलिस को जांच पूरी नहीं करने पर लगाई फटकार
साथ ही पांच साल बाद भी जांच पूरी नहीं करने पर लोकायुक्त पुलिस को भी जमकर फटकार लगाई। जस्टिस माइकल कुन्हा ने मंगलवार को येदियुरप्पा के खिलाफ केस रद्द करने से इनकार करते हुए लोकायुक्त विशेष अदालत को मामले की निगरानी करने का निर्देश दिया।
यह मामला व्हाइटफील्ड आईटी कॉरिडोर में भूमि के बड़े हिस्सा की अधिसूचना अवैध तरीके से रद्द करने से जुड़ा है। यह भूमि 2006-07 में भाजपा-जेडीएस की अगुवाई वाली सरकार ने अधिग्रहित की थी। तब येदियुरप्पा उपमुख्यमंत्री थे।
मामले में लोकायुक्त अदालत के निर्देश पर लोकायुक्त पुलिस ने 21 फरवरी, 2015 को भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत केस दर्ज किया था। मामले में बंगलूरू निवासी वासुदेव रेड्डी ने शिकायत की थी।