मणिपुर में हिंसा जारी है। इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि एक चुराचांदपुर जिले में हुई हिंसा और इंफाल में चिंगारेल में एक आईआरबी पोस्ट से हथियारों की हुई लूट की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच शुरू की जाएगी। दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जाएगी। सिंह ने कहा कि लोगों की जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मौत पर व्यक्त किया शोक
सीएम सिंह ने अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कॉन्सटेबल को हटाए जाने के बाद की स्थिति पर भी गौर कर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। हम चुराचांदपुर में दो लोगों की और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में एक व्यक्ति की मौत पर शोक व्यक्त करते हैं। हम घटना की कड़ी निंदा करते हैं। पुलिस ट्रेनिंग अकादमी से चार इंसास राइफलें, एक एके घटक 2, एसएलआर की मैगजीन और 9 मिमी गोला बारूद के सोलह छोटे बक्से बरामद चुराए गए थे। सिंह ने चुराचांदपुर स्थित स्वदेशी जनजातीय नेता मंच द्वारा एसपी-डीसी को दी गई धमकी भरी मांगों की भी निंदा की।
धमकाने वाले युवकों पर एफआईआर
सीएम ने कहा कि एसपी को 24 घंटे के अंदर जिला छोड़ने की धमकी और एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर उन्हें जान से मारने की धमकी भरी पोस्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ऐसी धमकियों को आसानी से नहीं लेती। धमकाने वाले युवक पर एफआईआर करा दी गई है। डीसी कार्यालय को जलाने के मामले में उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त बंगले की मरम्मत कराई जाएगी। आरोपियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
सीएम ने विभाजनकारी राजनीति की आलोचना की। सीएम ने युवाओं को गुमराह करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की कसम खाई। सुगनू गांव में हो रही गोलीबारी के मामले में सिंह ने कहा कि राज्य और राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अतिरिक्त बलों को वहां भेज दिया गया है और तलाशी अभियान जारी है।