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Punjab: मान सरकार ने किसानों को दिया शानदार तोहफा, नई लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत मिलेगा पांच गुना किराया

Tue, 22 Jul 2025 07:15 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीएम भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में उनके सरकारी आवास पर कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक के बाद सीएम मान ने बताया कि लैंड पूलिंग पॉलिसी किसानों के हक में बनाई गई है।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों को शानदार तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और पारदर्शी नीति लागू की है। ये नीति अब तक के सभी योजनाओं से अलग है। इसका नाम लैंड पूलिंग पॉलिसी है। इस योजना के तहत किसान अब जमीन के बदले हर साल ₹1 लाख किराया पाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि यह राशि हर साल 10% बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी लगातार बढ़ती रहेगी।

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क्या है लैंड पूलिंग योजना?
लैंड पूलिंग पालिसी के तहत प्लाट मिलने तक किसान को सरकार एक लाख रुपये सालाना देगी। कांग्रेस सरकार के समय 20 हज़ार मिलते थे। किसान को मिलने वाले किराये में पांच गुना बढोतरी की गई है। योजना में शामिल होने की सहमति पर भी 50 हजार का चेक मिलेगा। लैंड पूलिंग स्कीम में किसानों के लिये बंपर घोषणाएं की गई हैं। किसान को मिलने वाले एक लाख किराये में हर साल 10 फीसदी इजाफा होगा। 

इस योजना को लेकर सीएम मान ने कहा कि अगर किसान व्यवसायिक जमीन नहीं लेना चाहता तो इसे तीन गुना बढ़ाकर रिहायशी प्लॉट मुहैया कराया जाएगा।  जमीन पर लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने के बाद किसान को बैंक से लोन भी मिल सकेगा। हरियाणा में 48 हजार एकड़ है और पंजाब में सिर्फ 25 हजार एकड़ में कालोनी बनी है। सीएम ने कहा कि लैंड पूलिंग की नोटिफिकेशन में रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगेगी। लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर जब किसानों और स्टेक होल्डरों से बात की गई तो उन्होंने कुछ सुझाव दिए हैं। सीएम मान ने कहा कि पॉलिसी में अब यह संशोधन किया गया है कि जब तक किसान से ली गई जमीन पर प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो जाता, तब तक किसान उस जमीन पर खेती कर सकता है। 
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अब समझिए कैसे अलग है यह योजना?
अगर इस योजना के अलग होने की करें तो कांग्रेस और पिछली सरकारों के वक्त किसानों को सिर्फ ₹20,000 सालाना किराया दिया जाता था। आज उसी जमीन पर सरकार ₹1 लाख से ज़्यादा का किराया, विकसित प्लॉट, और शहर की सुविधाओं में बराबरी का हिस्सा दे रही है। मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सुनिश्चित किया है कि जैसे ही किसान योजना में शामिल होता है, उसे सिर्फ 21 दिन में सहमति पत्र मिल जाए, जो पहले की सरकारों में छह महीने तक नहीं मिलता था।

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