दुनियाभर के महासागरों में बढ़ती गर्मी और प्रशांत महासागर में मजबूत हो रहा अल नीनो अगले साल मौसम का चक्र बदल सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि अगले साल दुनिया को रिकॉर्डतोड़ गर्मी और सूखे का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर 2027 में दुनिया के मौसम और अर्थव्यवस्था पर दिखने की आशंका है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, महासागर और वायुमंडल एक-दूसरे से जुड़े हैं। ग्रीनहाउस गैसों और प्रदूषण के कारण महासागर पहले ही बड़ी मात्रा में गर्मी सोख रहे हैं। समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से मौसम का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के कई क्षेत्रों में मानसून का चक्र बदलने, सूखा पड़ने या अधिक बारिश का खतरा है।
अल-नीनो का यह प्रभाव केवल प्रशांत क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया के मौसम चक्र को प्रभावित करेगा। मौसम के इस बदलाव से फसल उत्पादन प्रभावित होगा, जिससे खाद्य सुरक्षा व वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।
दिल्ली-एनसीआर में बूंदाबांदी इस बार ठंड की दस्तक जल्द
दिल्ली-एनसीआर में रविवार शाम बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलीं। हालांकि तापमान में बड़ी गिरावट नहीं आई। मौसम विभाग ने 15 अक्तूबर तक बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्तूबर के मध्य से ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। दिन में हल्की गर्मी बनी रह सकती है, जबकि शाम और रात का मौसम सुहावना रहने के आसार हैं।