अमेरिका से लेकर चीन तक पूरा उत्तरी गोलार्ध इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। इसकी वजह से न केवल लोगों के स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार उत्तरी गोलार्ध का बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। वहीं पश्चिमी हिस्सों में तापमान औसत से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया।
इसकी वजह से समुद्र में लू की स्थिति बन गई है। यह कई समुद्री प्रजातियों की विलुप्ति तक का कारण बन सकती है। वहीं, भीषण बारिश और बाढ़ ने भी क्षेत्र में व्यापक असर डाला है। इसका असर पूरी दुनिया में भी देखने को मिला है। अनेक लोग हताहत हुए हैं और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
धधक रहे हैं जंगल
बढ़ते तापमान की वजह से जंगलों में आग का प्रकोप भी बढ़ा है। अल्जीरिया, ग्रीस, इटली और स्पेन सहित भूमध्य सागर के कुछ हिस्सों में जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई है। सैकड़ों लोग हताहत हुए हैं और हजारों को मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा है। वहीं, तीन ग्रीक द्वीपों रोड्स, इविया और कोर्फू से सैकड़ों लोगों को बाहर निकाला गया है।
चीन में बना उच्चतम तापमान का नया रिकॉर्ड
डब्ल्यूएमओ के अनुसार 16 जुलाई को चीन के शिनजियांग प्रांत में तापमान 52.2 डिग्री तक पहुंच गया था। यह देश में उच्चतम तापमान का एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह अमेरिका के फीनिक्स में भी लगातार 31 दिनों तक तापमान 43.3 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।