बढ़ती आबादी, घटते संसाधन और नागरिक सुविधाओं की कमी से जूझ रहे नगर निगम ने शहर की सफाई और पेयजल व्यवस्था को करीब-करीब पटरी पर ला दिया है। पिछले छह महीने में सफाई, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं में परिवर्तन हुआ है। सफाई व्यवस्था में भी बदलाव आया है। स्वच्छता अभियान के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
रोजाना उठ रहा है 600 मीट्रिक टन कूड़ा
नगर निगम रोजाना 600 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण क्षमता वाले करसड़ा कूड़ा प्लांट को चालू कराने में सफल रहा तो शहर के 90 वार्ड में घर-घर से कूड़ा उठाने भी शुरू करा दिया। कूड़े और कचरे से पटे शहर में अब कम से कम सड़क और कूड़ा घरों पर कूड़े का बैकलॉग खत्म हो गया है। पांच जोन में बंटे शहर को सफाई के लिहाज से चार जोन में बांटकर इसकी मॉनीटरिंग कराई जा रही है। तीन एजेंसियों को काम दिया गया है।