उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक मंत्री की कार के चालक और स्थानीय लोगों के एक समूह के बीच झड़प हो गई। मामूली विवाद की वजह से दो समूहों के बीच शुरू हुआ बवाल हिंसक हो गया और देखते ही देखते झड़प में तब्दील हो गया। इसके बाद आगजनी और तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया
मामले से जुड़े पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मूल विवाद मंगलवार देर रात पल्थी गांव के कसाईवाड़ा इलाके में हुआ था, लेकिन बुधवार सुबह तक हिंसा की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में है। हिंसा प्रभावित गांव में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
कांग्रेस विधायक नितिन राउत ने कहा, "राज्य में कानून-व्यवस्था उस तरह नहीं चल रही है, जैसी चलनी चाहिए। सरकार इस पर बिलकुल ध्यान नहीं दे रही है और लोगों को जाति-धर्म के नाम पर लड़ाने में लगी हुई है। वे चाहते हैं कि लोग इन मुद्दों में ही व्यस्त रहें और सरकार से विकास पर चर्चा न करें। यह सरकार की नाकामयाबी है।"
जलगांव के पलाढ़ी गांव के दुकानदार शकील ने दावा किया कि कल रात यहां दो समूहों के बीच झड़प में उनकी दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा, "मैंने शिकायत दर्ज कराई है। मुझे तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मैं पिछले दो साल से दुकान चला रहा था।"
मंत्री गुलाबराव पाटिल की कार के चालक से हुआ विवाद
एक अधिकारी ने बताया कि कसाईवाड़ा में राज्य के मंत्री गुलाबराव पाटिल की कार के चालक और स्थानीय लोगों के एक समूह के बीच उस समय तीखी नोकझोंक हुई, जब चालक ने हॉर्न बजाकर रास्ता देने के लिए कहा। शिवसेना के नेता और जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री पाटिल इस मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके परिवार का एक सदस्य कार में सवार था।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया
उन्होंने बताया कि बहस मौके पर ही खत्म हो गई, लेकिन बाद में इलाके के कुछ लोग गांव के चौराहे पर गए और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एक और समूह वहां पहुंचा, जिसके बाद झड़पें हुईं। अधिकारी ने बताया कि गांव की कई दुकानें जला दी गईं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया
उन्होंने बताया कि पल्थी गांव में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों, राज्य रिजर्व पुलिस बल और दंगा नियंत्रण पुलिस की टीमों के साथ-साथ दमकल वाहनों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है।
25 के खिलाफ FIR, सात गिरफ्तार- एडिशनल एसपी
वहीं इस मामले में एडिशनल एसपी कविता नेरकर ने बताया कि, 'कल रात दो समूहों के बीच झड़प हुई। कुछ वाहनों और दुकानों में आग लगा दी गई। मामले में 20-25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और 7 को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पलाधी गांव में कर्फ्यू लगा दिया गया है और कल सुबह 6 बजे इसे हटाया जाएगा। इस पूरी घटना कोई घायल नहीं हुआ है और पथराव भी नहीं हुई है'।