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मुकदमेबाजी तक पहुंची शिक्षा के हक की लड़ाई, नए मामले में होगी लोकायुक्त से शिकायत

Thu, 04 Jul 2019 11:06 PM IST
Abhishek Singh डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनीष सिसोदिया - फोटो : Social Media
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शिक्षा के मुद्दे पर शुरू हुई राजनीति अब कोर्ट के दहलीज पर पहुंच गई है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर नए क्लासरूम बनाने के नाम पर दो हजार करोड़ रूपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो आप नेता और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें बदनाम करने के आरोप में तिवारी को बुधवार को लीगल नोटिस भेज दिया।

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इधर भाजपा नेताओं ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के विरुद्ध भ्र्ष्टाचार के मामले में लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करा दी है और भाजपा नेताओं के मुताबिक लोकायुक्त ने मामले की जांच करने के लिए शिकायत दिल्ली पुलिस को अग्रसारित भी कर दिया है। भाजपा नेता कुछ नए तथ्यों के साथ आज गुरूवार को दुबारा लोकायुक्त के पास नई शिकायत के साथ जा रहे हैं जिसमें कथित रूप से शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का फंड मौखिक रूप से ट्रांसफर करने का आदेश दे दिया था। 

सिसोदिया का हमला, माफी मांगो या गिरफ्तार करो

भाजपा के द्वारा 2,000 करोड़ रूपये का सनसनीखेज आरोप लगाए जाने के बाद मनीष सिसोदिया के तेवर आक्रामक हो गये थे। हमले के तुरंत बाद एक प्रेस कांफ्रेंस करते हुए उन्होंने भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि सारी जांच एजेंसियां केंद्र के अधीन हैं जहां भाजपा का शासन है। अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने इस मामले में कोई भ्रष्टाचार किया है तो वे उन्हें तुरंत गिरफ्तार करें, अन्यथा झूठ बोलने के कारण वे देश से माफी मांगे। कल बुधवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मनोज तिवारी सहित कई भाजपा नेताओं पर झूठ बोलकर बदनाम करने के आरोप में लीगल नोटिस भेज दिया है।

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‘जेल जाने की इच्छा जरूर पूरी होगी’

मनीष सिसोदिया के हमले का जवाब देते हुए मनोज तिवारी ने कहा है कि उनकी जेल जाने की इच्छा अवश्य पूरी होगी, लेकिन यह कानून की प्रक्रिया के आधार पर होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, नियमों की अवहेलना कर फंड ट्रांसफर किया गया है जिस पर मुख्यसचिव ने भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में वे अपने भ्रष्टाचार से बच नहीं सकते और उनका जेल जाना तय है। इसकी कानूनी प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। 

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