राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा ने कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या की अनदेखी का कांग्रेस पर आरोप लगाया तो कांग्रेस ने सरकार पर किसानों और कृषि को शकुनि की चौपड़ का मोहरा बनाने का आरोप मढ़ा। उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को देंगे।
चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 15 महीने में कर्नाटक में 1200 किसानों ने आत्महत्या कर ली लेकिन प्रदेश सरकार ने किसानों को आत्महत्या से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। भाजपा के ही मदन राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने एम स्वामीनाथन रिपोर्ट का विरोध किया था। ऐसे में स्वामीनाथन की प्रशंसा करने का विपक्ष को कोई अधिकार नहीं है। भाजपा ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। साथ ही किसानों की आर्थिक मदद भी दी जा रही है।
किसानों की आय घटी : सुरजेवाला
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन किसानों की आय बढ़ने की बजाय घट गई है। 10 साल के भाजपा के शासन ने कृषि और किसान कल्याण को शकुनि की चौपड़ का मोहरा बना दिया है। वक्त की मांग है कि 72 करोड़ किसानों को कौरवों के इस चक्रव्यूह से निजात दिलाई जाए। किसान को केवल जुमले दिए गए। किसान आज केवल 27 रुपये रोज कमाते हैं। केंद्र सरकार ने 5 साल में खेती किसानी का एक लाख करोड़ रुपया बिना खर्च किए वापस कर दिया। उन्होंने भाजपा सरकार को किसान विरोधी और किसानों का संहारक करार दिया।
- सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि प्रकृति किसी के हाथ में नहीं है, लेकिन किसानों की सहायता अवश्य करनी चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों का हक है। इस साल तापमान में उतार-चढ़ाव से किसानों के उत्पादन पर खासा असर पड़ा है लिहाजा वह केंद्र से अनुरोध करते हैं कि उसे किसानों की और अधिक सहायता करनी चाहिए।