कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुडुचेरी पुलिस उनके घर पहुंची और उनसे परिवार से पूछताछ की। दास ने दावा किया कि 'केंद्र सरकार के कहने पर' उनके परिवार को डराया जा रहा है।
सौरव दास ने क्या-क्या कहा?
सौरव दास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पुलिस को उनके घर जाने का आदेश किसने दिया। इसके पीछे वजह क्या थी। दास ने लिखा, दो घंटे पहले पुडुचेरी पुलिस मेरे घर पहुंची और परिवार से कई तरह के सवाल किए। पुडुचेरी पुलिस परेशान क्यों कर रही है? इसका आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है?
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन वाली सरकार उनके परिवार को 'डरा' रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के स्वभाव के मुताबिक नहीं है।
उन्होंने कहा, पुडुचेरी में भाजपा सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा रही है? पुडुचेरी सरकार का चरित्र ऐसा नहीं है। यह केंद्र सरकार के कहने पर किया जा रहा है। दास ने आगे आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें चुप कराने के लिए डराना है। उन्होंने कहा कि इससे वह अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखने से पीछे नहीं हटेंगे।
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उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, अगर इसका मकसद मुझे डराकर चुप कराना है, तो यह काम नहीं करेगा। इससे मैं डरकर पीछे नहीं हटूंगा। इससे बेहतर व्यवस्था बनाने का हमारा संकल्प और मजबूत होगा। ऐसी व्यवस्था जिसमें पुलिस कानून का पालन करे, न कि गुंडों की तरह व्यवहार करे।
उन्होंने पुलिस के उनके घर पर जाने के आधार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, केंद्र सरकार के कहने पर पुडुचेरी सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा रही है? इसका आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है?
गृह मंत्री शाह के पुडुचेरी दौरे पर उठाए सवाल
दास ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुडुचेरी दौरे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, सिर्फ दो दिन पहले अमित शाह पुडुचेरी में थे। वहां उन्होंने पुडुचेरी के गृह मंत्री और उपराज्यपाल से मुलाकात की। उपराज्यपाल को कई साल पहले गुजरात में मोदी के 'आंख और कान' के रूप में जाना जाता था। क्या उस बैठक में परिवार को डराने की यह रणनीति बनाई गई थी?
पुडुचेरी पुलिस ने क्या कहा?
- पुडुचेरी पुलिस ने कहा कि कि पुलिस का घर जाना स्वतंत्रता दिवस से पहले की जा रही नियमित सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा था।
- पुलिस ने बताया कि वीआईपी के आने-जाने वाले इलाकों में घरों और होटलों पर पूछताछ की जा रही थी।
- पुलिस के मुताबिक, इसका मकसद यह पता करना था कि हाल में कोई नया व्यक्ति पुडुचेरी आया है या वहां ठहरा हुआ है।
- एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह पूछताछ नियमित थी और स्वतंत्रता दिवस से पहले की जा रही सुरक्षा व्यवस्था के तहत की जा रही थी।