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CJP Protest: 16 दिन से अनशन पर सोनम वांगचुक; संजय राउत बोले- 'क्या उन्हें मारना चाहती है सरकार?

Mon, 13 Jul 2026 03:05 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, मुंबई

सार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोनम वांगचुक के 16 दिनों से जारी अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत से बच रही है और शिक्षा व्यवस्था, नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। 
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संजय राउत, शिवसेना यूबीटी - फोटो : ANI
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विस्तार
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शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 16 दिनों से अनशन पर हैं, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में यही आशंका पैदा होती है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मरने के लिए छोड़ देना चाहती है?

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क्या बोले संजय राउत, क्यों बताया सोनम वांगचुक को असाधारण व्यक्तित्व?
संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक एक असाधारण व्यक्तित्व हैं। वे पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हैं। देश और समाज के लिए उनके योगदान को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

आखिर सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं?
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने दावा किया कि सोनम वांगचुक मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उनके अनुसार, इसी दौरान नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का पेपर लीक हुआ और इस पूरे घटनाक्रम से कई छात्र मानसिक रूप से टूट गए, जिनमें कुछ ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सोनम वांगचुक ने अनशन का रास्ता चुना है।
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सरकार ने अब तक बातचीत क्यों नहीं की?
संजय राउत ने कहा कि सरकार को खुद आगे बढ़कर सोनम वांगचुक से बातचीत करनी चाहिए थी और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए था। उन्होंने अफसोस जताया कि अब तक सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा। राउत ने कहा कि यह समझना बेहद जरूरी है कि सोनम वांगचुक किस उद्देश्य से अनशन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, उनका यह आंदोलन केवल उनका व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज से जुड़ा हुआ है।

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अन्ना हजारे से समर्थन की अपील क्यों की?
संजय राउत ने अपने बयान में समाजसेवी अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे थे, तब तत्कालीन सरकार के कई प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचे थे और संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया था। राउत ने कहा कि अन्ना हजारे को भी सोनम वांगचुक का समर्थन करना चाहिए और उनसे मुलाकात कर उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखानी चाहिए।

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