फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Zero FIR on CJP: क्या दीपके-सौरभ पर दर्ज होगा पॉक्सो के तहत मुकदमा? बंगाल में जीरो एफआईआर की मांग; लगे ये आरोप

Wed, 05 Aug 2026 09:38 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिलीगुड़ी

सार

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक महिला अधिवक्ता ने जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर पुलिस में शिकायत दी है। वकील ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और अन्य आयोजकों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग कर आरोप लगाया है कि प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों की मौजूदगी और कथित घटनाओं के आधार पर पॉक्सो अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
अभिजीत दीपके और सौरभ दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक महिला वकील ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की की धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने सीजेपी के जंतर-मंतर में प्रदर्शन के आयोजकों अभिजीत दीपके, सौरभ दास और अन्य के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत सौंपी है।
विज्ञापन


रिंकी चटर्जी सिंह ने कहा, "यह शिकायत 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए उस प्रदर्शन से जुड़ी है, जहां सीजेपी नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज हुआ। देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।"

महिला वकील ने लगाए क्या आरोप?
वकील रिंकी चटर्जी ने कहा, "बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर कहा कि उन्होंने युवाओं की टिप्पणियों को माफ कर दिया है और उनके भविष्य को देखते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद सीजेपी के आयोजक अभिजीत दीपके और सौरभ दास ने एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री से माफी की मांग की। उनका आरोप था कि पुलिस ने 12 साल की लड़कियों पर लाठीचार्ज किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।"
विज्ञापन

अधिवक्ता ने कहा, "मेरा सवाल है कि 12 साल के बच्चे को प्रदर्शन में कौन लेकर आया? इस उम्र का बच्चा 'देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे' की श्रेणी में आता है। प्रदर्शन में बच्चों को शामिल करने के लिए आयोजकों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धारा 13, 14 और 15 तथा बीएनएस की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।"

प्रदर्शन की फंडिंग पर भी खड़े किए सवाल
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "इस प्रदर्शन के लिए पैसे कौन दे रहा है और पैसा कहां से आ रहा है? यह बिल्कुल 'डीप स्टेट' का काम है। इसमें कुछ बिचौलिए और राष्ट्र-विरोधी तत्व शामिल हैं। हमारे ही देश के कुछ लोग, जो देश का भला नहीं चाहते, वे सभी मोदी सरकार को गिराने की कोशिश में एकजुट हुए हैं।" रिंकी चटर्जी सिंह के ये आरोप उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत का हिस्सा हैं।

दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने दर्ज कराई शिकायत
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपके के सहयोगियों ने उन पर पुणे और औरंगाबाद में हमला किया था। अंसारी ने दिल्ली पुलिस के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को दी गई शिकायत में कहा कि इन दोनों घटनाओं के संबंध में पहले से दो मामले दर्ज हैं। उन्होंने पुलिस से अभिजीत दीपके को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

फैजान अंसारी ने एएनआई से बातचीत में कहा, "मैंने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली डीसीपी को लिखित शिकायत दी है, क्योंकि मेरे पास इस बात के सबूत हैं कि उनके लोगों ने मुझ पर हमला किया। मुझ पर पुणे और औरंगाबाद में हमला हुआ था। इस संबंध में पहले से दो मामले दर्ज हैं। मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस तुरंत दीपके को गिरफ्तार करे।"
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें