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सीजेपी का अगला दांव क्या: अब कहां है आंदोलन की तैयारी, अभिजीत दीपके ने क्या-क्या कहा?

Sun, 26 Jul 2026 06:56 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।

सार

आंदोलन खत्म होने के बाद अब CJP अपने अगले कदम की तैयारी में जुट गई है। संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ किया है कि पंजाब के कथित पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सरकार से चल रही बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी छात्र के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
 
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अभिजीत दीपके - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संकेत दिए हैं कि संगठन जल्द ही अपनी अगली रणनीति का एलान करेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि आंदोलन अभी हाल ही में खत्म हुआ है, इसलिए आगे की योजना सार्वजनिक करने में थोड़ा समय लगेगा। दीपके ने कहा कि भविष्य की रणनीति पर काम चल रहा है। जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। 
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क्या पंजाब के कथित पेपर लीक का मुद्दा भी उठाएगी सीजेपी?
अभिजीत दीपके ने पंजाब में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को भी उठाएगी। फिलहाल इसकी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करेगा। जल्द ही इस पर भी अपनी योजना सामने रखी जाएगी।

सरकार से बातचीत में क्या हुआ? 
सरकार के साथ बातचीत को लेकर दीपके ने कहा कि फिलहाल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर चर्चा चल रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी छात्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
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दीपके के बयान से क्या संकेत?
  • आंदोलन के बाद CJP अगले चरण की तैयारी में जुटा।
  • भविष्य की रणनीति का जल्द होगा एलान।
  • पंजाब के कथित पेपर लीक पर भी संगठन करेगा कार्रवाई की योजना।
  • सरकार के साथ छात्रों के मामलों पर बातचीत जारी।
  • छात्रों के खिलाफ केस दर्ज न करने की मांग दोहराई गई।

अभिजीत के पिता भगवान शंकर ने क्या कहा? 
कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके के पिता भगवान शंकर दिपके ने कहा, 'जब शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट उनके घर उनसे मिलने आए, तो उन्होंने कहा कि हमारे लिए वे पहले रिश्तेदार हैं और बाद में मंत्री। मैं सोच रहा था कि वे हमें फोन क्यों नहीं कर रहे या घर क्यों नहीं आ रहे, लेकिन उनकी सोच पर मुझे सच में गर्व है। उन्होंने बताया कि अगर वे इस बीच हमें फोन करते या मिलने आते, तो दूसरे लोग इसका गलत मतलब निकाल सकते थे; फिर भी, हमसे मिलने की गहरी इच्छा के बावजूद, उन्होंने इसी वजह से ऐसा नहीं किया। उन्हें कितना दुख हुआ होगा यह सोचकर कि इतनी करीबी होने के बावजूद वे हमसे मिल नहीं पाए या फोन भी नहीं कर पाए। मेरे लिए यह बहुत मायने रखता है कि वे अपना मन हल्का करने के लिए हमारे पास आए।'
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