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Cybercrime: 'मेरे नाम से वेबसाइटें बनाकर रिश्तेदारों को भेजे संदेश', साइबर धोखाधड़ी पर बोले CJI सूर्यकांत

Sun, 22 Feb 2026 09:32 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गृह मंत्रालय का हवाला देते हुए देश भर की अदालतों में साइबर धोखाधड़ी के लगभग 66 लाख लंबित मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैंने डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट में नोटिस दिया है। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट को जबरन वसूली और डकैती करार दिया।
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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने देश में बढ़ते साइबर अपराध पर एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उनके नाम से कई वेबसाइटें बनाई गईं और उनका इस्तेमाल उनके रिश्तेदारों को संदेश भेजने के लिए किया गया।
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जयपुर में शुक्रवार को 'साइबर सुरक्षा: जागरूकता, संरक्षण और न्याय तक समावेशी पहुंच' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने साइबर धोखाधड़ी को 'जबरन वसूली और डकैती' करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की लूट हुई है।

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डिजिटल दुनिया में अनुशासन सुरक्षा का रूप :भारत के मुख्य न्यायाधीश
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'साइबर सुरक्षा न्याय से जुड़ी चर्चा का मूल आधार है। हमें बचपन से सिखाया गया है कि पहले सोचो, फिर काम करो। डिजिटल दुनिया में यह सरल अनुशासन (साइबर खतरों से) सुरक्षा का एक रूप बन जाता है। हम अक्सर साइबर अपराध के बारे में किस्सों के रूप में बात करते हैं, जैसे चोरी हुए ओटीपी और डिजिटल अरेस्ट के घोटाले।'

उन्होंने कहा, 'मैंने सुप्रीम कोर्ट में डिजिटल अरेस्ट पर नोटिस दिया है। मैंने डिजिटल अरेस्ट के शिकार एक बुजुर्ग व्यक्ति के मामले का संज्ञान लिया है। मैं आज भी इसकी निगरानी कर रहा हूं। 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की लूट हुई है। यह जबरन वसूली और डकैती का स्पष्ट मामला है।'

देशभर में साइबर धोखाधड़ी के 66 लाख मामले लंबित
गृह मंत्रालय का हवाला देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने देश भर की अदालतों में साइबर धोखाधड़ी के लगभग 66 लाख लंबित मामलों पर प्रकाश डाला। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, 'गृह मंत्रालय ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। देश में साइबर धोखाधड़ी के लगभग 66 लाख मामले लंबित हैं। यह अब कोई मामूली समस्या नहीं बल्कि एक व्यापक समस्या बन गई है। साइबर अपराध की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। यह एक वैश्विक समस्या बन गई है और हम सभी को मिलकर इसका समाधान ढूंढना होगा।'

मेरे नाम से नाइजीरिया में बन रही वेबसाइटें : सीजेआई
अपना निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, 'हर दूसरे दिन मुझे अपने नाम से बनी एक नई वेबसाइट मिलती है। इन वेबसाइटों का इस्तेमाल संदेश भेजने के लिए किया जाता है। मेरी बहन और युवा वकीलों को मेरे नाम से एक संदेश मिला, लेकिन सौभाग्य से उसमें आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया था। मैंने तुरंत साइबर पुलिस को इसकी जांच करने का निर्देश दिया और पता चला कि ये वेबसाइटें नाइजीरिया में बनाई जा रही थीं।'
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में राजस्थान राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (आरएलएसए) द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देशन में आरएलएसए द्वारा शुरू की गई कई नई पहलों का भी शुभारंभ किया गया।

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