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CJI Shoe Attack Row: अठावले की मांग- सीजेआई गवई पर जूता फेंकने के आरोपी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो

Thu, 09 Oct 2025 08:55 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस बीआर गवई के ऊपर जूता फेंकने का प्रयास करने वाले वकील के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। अब केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि आरोपी पर एससी-एसटी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। अठावले ने कहा कि उच्च जाति के लोग गवई के चीफ जस्टिस पद तक पहुंचने को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
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रामदास अठावले, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने चीफ जस्टिस बीआर गवई के ऊपर जूता फेंकने की घटना पर नाराजगी प्रकट की है। अठावले ने इस मामले में आरोपी 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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घटना इसलिए हुई क्योंकि उच्च जाति के कुछ लोग...
सीजेआई बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने सोमवार (6 अक्तूबर) को इस निंदनीय कृत्य को अंजाम दिया था। राकेश के खिलाफ कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने उनका पंजीकरण रद्द कर दिया है। इस घटना के पीछे मानसिकता को लेकर केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा, यह घटना इसलिए हुई क्योंकि उच्च जाति के कुछ लोग इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि दलित समुदाय से आने वाले गवई इतने ऊंचे पद पर पहुंच गए हैं।

जस्टिस गवई योग्यता के आधार पर CJI बने, कुछ लोगों को नागवार गुजर रही यह बात
पणजी में बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री अठावले ने कहा, घटना निंदनीय है। देश के मुख्य न्यायाधीश पर इस तरह का हमला पहली बार हुआ है। जस्टिस भूषण गवई दलित समुदाय से आते हैं और उन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर यह पद हासिल किया है। उच्च जाति के कुछ लोग इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं।
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घटना के बाद पीएम मोदी ने किया था फोन
अठावले ने कहा, मैं मांग करता हूं कि आरोपी पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि गवई पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि वह दलित हैं। इससे पहले किसी भी मुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की निंदा की और घटना के बाद मुख्य न्यायाधीश से फोन पर बात भी की।
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इस मामले में सीजेआई गवई ने क्या कहा?
बता दें कि इस मामले में सीजेआई गवई खुद कह चुके हैं कि उन्हें ऐसी घटनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता। गवई ने घटना के तीन दिन बाद एक और बार साफ किया कि ये घटना उनके लिए बीता हुआ अध्याय जैसा है और वे आगे बढ़ चुके हैं।

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