सीजेआई ने पूछा, मैं आपसे एक व्यक्तिगत सवाल करना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है आप बुरा नहीं मानेंगे। यह (सॉफ्टवेयर को सभी के लिए सुलभ बनाना) मेरे मिशनों में से एक है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि वह नेक काम में शीर्ष कोर्ट की मदद के लिए तैयार हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर को दृष्टिबाधितों (नेत्रहीनों) के लिए सुलभ बने, इसके लिए मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने वरिष्ठ अधिवक्ता एस.के. रूंगटा से मदद मांगी। सीजेआई ने उनसे पूछा कि वह (नेत्रहीन) वकीलों की लिखित दलीलों का पालन कैसे करते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या नेत्रहीनों को दस्तावेज ब्रेल (लिपि) में परिवर्तित मिलते हैं।
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रूंगटा ने बहुत कम उम्र में अपनी दृष्टि खो दी थी। वह महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग से जुड़े एक मामले में वरिष्ठ वकीलों की लिखित प्रस्तुतियों का जवाब दे रहे थे। बेंच में सीजेआई के अलावा जस्टिस हिमा कोहली और जे.बी. पारदीवाला भी शामिल थे।
सीजेआई ने पूछा, मैं आपसे एक व्यक्तिगत सवाल करना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है आप बुरा नहीं मानेंगे। यह (सॉफ्टवेयर को सभी के लिए सुलभ बनाना) मेरे मिशनों में से एक है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि वह नेक काम में शीर्ष कोर्ट की मदद के लिए तैयार हैं। उन्होंने सीजेआई को बताया कि कैसे वह अदालतों में लिखित दलीलों का तुरंत जवाब दे सकते हैं।
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वरिष्ठ अधिवक्ता रूंगटा ने आगे कहा कि वह पेन ड्राइव में अन्य वकीलों के दस्तावेजों के संकल की सॉफ्ट कॉपी प्राप्त करते हैं और उन्हें ब्रेल (लिपि) में बदलने के लिए अपने कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला सॉफ्टवेयर दृष्टिबाधित लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर के अनुकूल होना चाहिए।