जजों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने को लेकर चल रही बहस के बीच प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो जज ज्यादा लंबे समय तक काम करने को तैयार हैं। सीजेआई ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के सुझाव का जवाब देते हुए यह बात कही।
सीजेआई ने कहा यह बेहद जरूरी है कि हम न केवल न्यायपालिका बल्कि बार की स्वतंत्रता और अखंडता को भी बनाए रखें। लंबित मुकदमों और संसाधनों की कमी का जिक्र करते हुए सीजेआई बोबडे ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में हमने इस दिशा में ठोस और समन्वित प्रयास किए हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीक के इस्तेमाल से न्याय प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। सीजेआई ने कहा, कानून के क्षेत्र में आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के गंभीर अध्ययन की जरूरत है। खासतौर पर यह देखना चाहिए कि यह कैसे न्याय देने में मददगार हो सकता है। अमेरिका और नीदरलैंडस जैसे कई देश न्यायिक प्रक्रिया में मदद के लिए एआई का इस्तेमाल करते हैं।