न्यायमूर्ति केएम जोसेफ 16 जून को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसी को लेकर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जब वह 1972 में पहली बार दिल्ली आए थे तो जोसेफ सबसे पहले दोस्त बने थे। सीजेआई ने कहा कि वाणिज्यिक कानून से लेकर संवैधानिक कानून तक के मामलों में जोसेफ की विशेषज्ञता की कमी खलेगी।
गर्मियों की छुट्टी की वजह से आज विदाई समारोह
22 मई से सुप्रीम कोर्ट गर्मियों की छुट्टी के चलते बंद रहेगा। ऐसे में न्यायमूर्ति जोसेफ का विदाई समारोह शुक्रवार को रखा गया। इस दौरान औपचारिक बेंच की अध्यक्षता करते हुए चंद्रचूड़ ने कहा कि यह सम्मान की बात है कि मुझे इस तरह की पीठ की अध्यक्षता करने का मौका मिल रहा है, लेकिन यह पुरानी यादों से जुड़ा है।
दिल्ली में बने पहले दोस्त
सीजेआई ने कहा कि मुझे बहुत दुख हो रहा है। जोसेफ और मैं बचपन से दोस्त हैं। जोसेफ पहले व्यक्ति थे जो मेरे दोस्त बने, जब मैं अगस्त 1972 में दिल्ली आया था। उन्होंने कहा कि दोपहर में जब हम औपचारिक एससीबीए (सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन) की विदाई करेंगे, तब मैं इसके बारे में अधिक बोलूंगा।
बार के युवा सदस्य रहते हैं उत्साहित
न्यायमूर्ति जोसेफ द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायमूर्ति जोसेफ के साथ पीठ साझा करना हमेशा खुशी की बात रही है। मैंने बार के युवा सदस्यों से सुना है कि वे जोसेफ के साथ काम करने के लिए उत्सुक रहते हैं क्योंकि जोसेफ उनके साथ हमेशा धैर्य रखते हैं।
विरासत में मिला था ज्ञान
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वाणिज्यिक कानून से लेकर संवैधानिक कानून तक के मामलों में जोसेफ की विशेषज्ञता की कमी खलेगी। सीजेआई ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और अपने पिता न्यायमूर्ति केके मैथ्यू से विरासत में मिले ज्ञान को और लोगों में छोड़कर जा रहे होंगे।
जोसेफ ने जताया आभार
वहीं, न्यायमूर्ति जोसेफ ने सीजेआई के साथ-साथ बार के सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बार और बेंच एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। क्योंकि एक बार की सहायता के बिना यह अदालत आम आदमी को न्याय नहीं दे सकती। इसलिए, बार की सहायता का बहुत महत्व है।
बार के सदस्यों ने भी दुखी मन से दी विदाई
अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी सहित बार के कई सदस्यों ने भी जस्टिस जोसेफ को उनके अंतिम कार्य दिवस पर बधाई दी। सिंघवी ने कहा कि मैं केवल इतना कह सकता हूं कि आज हमें भारी नुकसान हो रहा है।