सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऋषिकेश रॉय सेवानिवृत हो रहे हैं। शुक्रवार को जस्टिस रॉय के रिटायर होने के मौके पर एक समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना ने जस्टिस रॉय की जमकर तारीफ की और उन्हें संपूर्ण व्यक्तित्व वाला व्यक्ति करार दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जस्टिस रॉय का कानूनी कौशल, उनका ज्ञान उन्हें एक संपूर्ण व्यक्ति बनाते हैं। उनकी संतुलित सोच और समझ ने अदालत में चीजों को आसान बनाया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनकी शांत रहने की आदत और आचरण ने हम सभी को प्रभावित किया।
'जस्टिस रॉय जैसा व्यक्ति मिलना मुश्किल'
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 'जस्टिस रॉय एक ऑलराउंडर हैं और उनके जैसा व्यक्ति मिलना बेहद मुश्किल है। हम उन्हें याद करेंगे।' अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमाणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी जस्टिस रॉय की सराहना की। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी जस्टिस रॉय के मानवीय दृष्टिकोण की तारीफ की और उन्होंने असम में बाढ़ के दौरान लोगों को मदद देने की शुरुआत की। जस्टिस रॉय ने अपनी यात्रा पर कहा कि 'मुझे उम्मीद है कि 23 साल के अपने करियर में मैंने न्याय किया होगा। आखिरकार मैं रिटायर हो रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि मैंने अपने माता-पिता की आकांक्षाओं को पूरा किया होगा।'
कई अहम संवैधानिक पीठों का हिस्सा रहे जस्टिस रॉय
जस्टिस रॉय कई संवैधानिक पीठों का हिस्सा रहे, जिन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति और जल्लीकट्टू पर अहम फैसले दिए। 1 फरवरी, 1960 को जन्में जस्टिस रॉय ने साल 1982 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की। 23 सितंबर 2019 को वे सुप्रीम कोर्ट में जज बने। इससे पहले उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर सेवाएं दीं। जस्टिस रॉय गौहाटी उच्च न्यायालय में अतिरिक्त जज नियुक्त हुए थे और फिर साल 2008 में वहां स्थायी जज बने। जस्टिस रॉय ने गौहाटी उच्च न्यायाल में वकालत भी की।