फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CJI: 'न्यायिक इतिहास में जस्टिस गवई का योगदान याद किया जाएगा', सीजेआई की तारीफ में जानिए क्या-क्या बोले सीएम

Sun, 12 Oct 2025 04:19 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

कार्यक्रम के दौरान उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि 'जिस तरह बाबासाहेब आंबेडकर का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना था, उसी तरह आज यह संयोग है कि न्यायमूर्ति गवई के हाथों न्यायालय भवन के निर्माणकर्ताओं को सम्मानित किया गया है।'
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस, सीएम, महाराष्ट्र - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई की जमकर तारीफ की। सीएम ने कहा कि देश के न्यायिक इतिहास में जस्टिस बीआर गवई का योगदान याद किया जाएगा। रत्नागिरी में एक न्यायालय की इमारत के उद्घाटन के अवसर पर सीएम फडणवीस ने ये बात कही। इस कार्यक्रम में सीजेआई गवई और उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए। 
विज्ञापन


'याद रहेगा सीजेआई गवई का नाम'
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के मंदनगढ़ तालुका में एक न्यायालय भवन काेउद्घाटन  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'इन दिनों हम देख सकते हैं कि न्यायिक व्यवस्था में काफी बदलाव आए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की बात करें तो उन्होंने सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग भी शुरू कर दी है और कई मामलों के वीडियो अब यूट्यूब पर उपलब्ध हैं। इससे जनता को काफी अहम जानकारियां उपलब्ध हुई हैं। व्यवस्थाओं को और तेज और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जस्टिस गवई का नाम न्यायिक इतिहास में, न्याय व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने में उनके योगदान के लिए, याद किया जाएगा। चाहे बुनियादी ढांचा हो, मानव संसाधन हो या न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरना हो, उनके मार्गदर्शन में जिस गति से प्रगति हुई है वह उल्लेखनीय है और इसीलिए उनका नाम इतिहास में अंकित रहेगा।'

ये भी पढ़ें- CJI: 'भारत मजबूत और एकजुट रहे, ये संविधान ने सुनिश्चित किया', पड़ोसी देशों में हिंसा को लेकर भी बोले सीजेआई
विज्ञापन
विज्ञापन


'भारतीय न्यायिक व्यवस्था के रत्न'
कार्यक्रम के दौरान उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि 'जिस तरह बाबासाहेब आंबेडकर का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना था, उसी तरह आज यह संयोग है कि न्यायमूर्ति गवई के हाथों न्यायालय भवन के निर्माणकर्ताओं को सम्मानित किया गया है। उनका उद्देश्य हमेशा लोगों को निष्पक्ष न्याय प्रदान करना रहा है। असल में, मैं न्यायमूर्ति गवई को बाबासाहेब आंबेडकर के आदर्शों का सच्चा उत्तराधिकारी मानता हूं। न्यायमूर्ति भूषण गवई का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि न्याय, हर गांव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उनका हमारे बीच होना ही हमारा सौभाग्य है। हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि महाराष्ट्र का सपूत मुख्य न्यायाधीश के पद तक पहुंचा है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की रक्षा के लिए निरंतर काम कर रहा है। उनका विनम्र स्वभाव और सभी से गर्मजोशी से जुड़ने, लोगों को नाम से पुकारने और उनसे प्यार से बात करने की क्षमता, उन्हें एक असाधारण व्यक्तित्व बनाती है। छोटी-छोटी घटनाओं में भी, वे अडिग रहते हैं और दृढ़ संकल्प के साथ काम करते हैं। यही कारण है कि न्यायमूर्ति गवई वास्तव में भारतीय न्यायिक व्यवस्था के रत्न हैं।'

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें