सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने मंगलवार को देश के जीवंत लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म, क्षेत्र और जाति पर गर्व होना चाहिए। साथ ही खेहर ने कहा कि संविधान ने सबको समान अधिकार प्रदान किया है। यहां सभी बराबर हैं। जस्टिस खेहर ने कहा, इस देश में न तो कोई नीच है और न ही कोई श्रेष्ठ।
71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए जस्टिस खेहर ने कहा कि, भारत एक अनोखा देश है क्योंकि यह सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करता है, जिसमें वर्तमान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी शामिल हैं।
पढ़ेः- तीन तलाक के खिलाफ नई याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार
उन्होंने राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे लोग छोटे से बड़े बनते हैं, इसका ताजातरीन उदाहरण ये लोग हैं। ये लोग भी तो साधारण परिवार से आते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि आज हमारे राष्ट्रपति दलित बिरादरी से आते हैं। पीएम वो हैं जो कभी चाय बेचते थे। मैं बिना किसी भेदभाव के इस देश में चीफ जस्टिस बना। उन्होंने कहा कि हमको इस देश पर गर्व है। मेरा जन्म तो इस देश में नहीं हुआ लेकिन मैं भी इस के लिए प्रतिबद्ध हूं।
सीजेआई ने भारत में नागरिकों को हासिल अधिकारों पर बात करने करते हुए कहा कि उनका जन्म केन्या में हुआ। उस समय केन्या में ब्रिटिश उपनिवेश था। वहां ब्रिटिश प्रथम श्रेणी के नागरिक माने जाते थे। फिर अमेरिकी और यूरोपियन लोगों का दर्जा था।
पढ़ेः- अयोध्या विवाद: सुन्नी वक्फ बोर्ड की मांग पर SC ने दी 5 दिसंबर तक की मोहलत, फिर नहीं रुकेगी सुनवाई
चीफ जस्टिस खेहर ने कहा कि सभी को भारतीय होने पर गर्व करते हैं। यह देश तमाम धर्मों का सम्मान करता है और इस पर गर्व होना चाहिए। मैं बेहद खुशनसीब हूं कि ऐसे देश में रहता हूं, सब धर्म का सम्मान किया जाता है। इस मौके पर देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे।