Mumbai: चीफ जस्टिस बीआर गवई की मां ने सीजेआई पर वस्तु फेंके जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लोगों को अपने सवाल शांतिपूर्वक तरीके से उठाने चाहिए। जस्टिस गवई की मां का यह बयान अमरावती स्थित दादासाहेब गवई चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से जारी किया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर एक वकील की ओर से वस्तु फेंकने की कोशिश पर सीजेआई की मां डॉ. कमल गवई ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोगों को अपने सवाल शांतिपूर्वक तरीके से उठाने चाहिए। जस्टिस गवई की मांग का यह बयान अमरावती स्थित दादासाहेब गवई चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से जारी किया गया है।
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जस्टिस गवई की मां ने कहा, "मैं CJI पर फेंके गए जूते की निंदा करती हूं... भारतीय संविधान सभी को समान अधिकार देता है, लेकिन कुछ लोग कानून को अपने हाथ में लेकर ऐसा व्यवहार कर रहे हैं। यह भारत के लिए अपमानजनक है और देश में अराजकता फैला सकता है। इस देश में किसी को भी ऐसा करने का अधिकार नहीं है।" जस्टिस गवई की मां ने कहा, "मैं सभी से अनुरोध करूंगी कि आपके जो भी प्रश्न हैं, जो भी आप कहना चाहते हैं, कृपया उन्हें शांतिपूर्वक उठाएं...।" सीजेआई की मां ने लोगों से शांतिपूर्वक अपने सवाल उठाने की अपील करते हुए सबका मंगल होने की कामना भी की है।
सीजेआई की बहन ने भी घटना की निंदा की
वहीं, मुख्य न्यायाधीश की बहन कीर्ति गवई ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस पर जो हमला हुआ है यह व्यक्तिगत नहीं संविधान पर हमला है। यह घटना देश पर कलंक लगाने वाली और निंदनीय है। हमारा संविधान सबसे श्रेष्ठ है। हमारा कर्तव्य बनता है कि हम संविधान को सुरक्षित रखें। देश के सांविधानिक अधिकार की सुरक्षा करें। हमें आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित भारत देना है। हमें संविधान के स्तर पर और शांतिपूर्ण तरीके से ही विरोध दर्ज कराना चाहिए ताकि बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर कोई आंच न आए।