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सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स: 12 राज्यों में शुरू होंगे विशेष ट्रेनिंग कोर्स, सेना तैयार करेगी 600 ट्रेनर्स

Fri, 23 Oct 2026 04:49 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेना ने नागरिकों को दी सिविल डिफेंस ट्रेनिंग (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारतीय सेना के साथ अपनी तरह की पहली संयुक्त प्रशिक्षण पहल के जरिए भारत एक वायब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क का निर्माण करेगा। पहले चरण में 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए आधुनिक प्रणालियों, प्रौद्योगिकियों और समकालीन तैयारी क्षमताओं से सुसज्जित एक वायब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाने का विजन रखा था। 

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इस विजन को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं गृह रक्षक महानिदेशालय भारतीय सेना के साथ समन्वय में सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स को भारतीय सेना द्वारा विशेष प्रशिक्षण देकर सिविल डिफेंस तैयारी को मजबूत करने की अपनी तरह की पहली पायलट पहल कर रहा है। पहले चरण में भाग लेने वाले प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश से 50 की संख्या के हिसाब से कुल 600 सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स को नवंबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक भारतीय सेना के नामित प्रशिक्षण संस्थानों में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है।

इसमें भाग लेने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, मेघालय, सिक्किम, असम, उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं। 
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यह पहल सिविल डिफेंस कर्मियों की तैयारी को बेहतर बनाने का प्रयास है, जिससे वे समकालीन सुरक्षा खतरों, शत्रुतापूर्ण स्थितियों और आपात स्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। 

प्रशिक्षण तीन व्यापक क्षेत्रों को कवर करेगा:
• खतरे के प्रति जागरूकता: आधुनिक और हाइब्रिड युद्ध, ड्रोन जागरूकता और हवाई हमले के खतरे।
• सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया: महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु जागरूकता, कैजुअल्टी मैनेजमेंट, खोज और बचाव।
• संचार और समन्वय: आपातकालीन संचार, साइबर स्वच्छता, डिजिटल लचीलापन, नागरिक-सैन्य समन्वय और घटना प्रतिक्रिया प्रणाली 

इस पहल की एक प्रमुख विशेषता स्ट्रक्चर्ड मास्टर ट्रेनर मॉडल के माध्यम से इसका गुणक प्रभाव है। विशेष प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक मास्टर ट्रेनर अपने संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में 100 सिविल डिफेंस वॉलन्टियर्स को आगे प्रशिक्षण देंगे। इस क्रमिक तंत्र में भाग लेने वाले 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 60,000 सिविल डिफेंस वॉलन्टियर्स तक विशेष तैयारी कौशल का विस्तार करने की क्षमता है, जिससे पहल की पहुंच और प्रभाव में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

यह पहल भारतीय सेना की परिचालन विशेषज्ञता को सिविल डिफेंस वॉलन्टियर्स नेटवर्क के साथ जोड़कर नागरिक-सैन्य समन्वय और संस्थागत तैयारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उभरते खतरों, समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए तैयारी को बढ़ाएगी। पायलट चरण के परिणामों के आधार पर इस पहल का चरणबद्ध तरीके से शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तक विस्तार करने का विचार है, जिससे प्रधानमंत्री मोदी जी की एक मजबूत, उत्तरदायी और भविष्य के लिए तैयार जीवंत सिविल डिफेंस नेटवर्क के विजन को और आगे बढ़ाया जाएगा।

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