संसद में गुरूवार को चप्पलमार शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ के मामले में एनडीए के दो नेता आपस में भिड़ गए। आज एयर इंडिया कर्मचारी से बदसलूकी करने वाले सासंद रवींद्र गायकवाड़ ने अपना पक्ष रखा।
दरअसल गायकवाड़ के मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने बयान दिया कि इस मामले में कानून को अपना काम करने देना चाहिए। इस पर शिवसेना के सांसदों ने उनको घेर लिया। शिवसेना कोटे से केंद्र में भारी उद्योग मंत्री और सांसद अनंत गीते ने राजू का विरोध करना शुरू किया। इस दौरान राजू शांत बने रहे और अपनी जगह पर बैठ गए। विरोध करते हुए गीते राजू के पास पहुंचने लगे।
इस पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और एस एस अहलूवालिया ने बीच-बचाव करना चाहा मगर गीते इतने ज्यादा गुस्से में थे कि वो कुछ भी सुनने के तैयार नहीं हुए। गीते को समझाने के लिए राजनाथ सिंह को आगे आना पड़ा। उन्होंने करीब 5 मिनट तक गीते से बातचीत की। इसके बाद आहूवालिया और सिन्हा ने गीते को सदन से बाहर निकालकर ले गए।
इससे पहले शिवसेना के चप्पलमार सांसद ने संसद में मामले की सफाई देते हुए कहा कि मुझे एयर इंडिया के कर्मचारी ने धक्का दिया तब मैंने उस पर हाथ चलाया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात ये है कि एयर इंडिया ने मेरी सभी तरह की यात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया।'
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मोदी पर वीजा बैन लगाया था और एयर इंडिया ने मुझ पर बैन लगाया। गायकवाड़ ने इस घटना की तुलना महात्मा गांधी को दक्षिण अफ्रीका में ट्रेन से उतारने वाली घटना से भी की।