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नागरिकता विधेयक पर आनंद शर्मा बोले- टू नेशन थ्योरी कांग्रेस की नहीं, सावरकर ने दी थी

Wed, 11 Dec 2019 01:13 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राज्यसभा में बोलते आनंद शर्मा - फोटो : ANI
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कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन विधेयक का राज्यसभा में भी विरोध किया। आनंद शर्मा ने कहा कि इस विधेयक को पारित करवाने को लेकर सरकार को इतनी जल्दीबाजी क्यों है। इसके विरोध का कारण राजनैतिक नहीं है। नागरिकता का मतलब भूगोल से नहीं बल्कि जन्म से होता है। यह संविधान की नींव पर हमला है। इतिहास से छेड़छाड़ अन्याय होगा। विभाजन की पीड़ा सबको है। कांग्रेस पर विभाजन के आरोप लगाए गए।

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टू नेशन थ्योरी (द्विराष्ट्र सिद्धांत) कांग्रेस की नहीं
उन्होंने कहा कि आपने (अमित शाह) इतिहास लिखने का किसी को प्रॉजेक्ट दिया है तो कृपा कर ऐसा न करें। औपचारिक रूस से सावरकर ने घोषणा की थी कि जिन्ना के टू नेशन थ्योरी (द्विराष्ट्र सिद्धांत) से मुझे कोई आपत्ति नहीं है। यह कांग्रेस ने नहीं दी थी।

हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने बंटवारे का समर्थन किया
आपने बंटवारे का दोष कांग्रेस के उन नेताओं पर लगाया जिन्होंने सालों जेल में बिताए। हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने बंटवारे का समर्थन किया, कांग्रेस तो हमेशा उसके विरोध में थी। आप कहते हैं राजनीति नहीं होनी चाहिए तो यह राजनीति भी नहीं होनी चाहिए। 
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महात्मा गांधी के नेतृत्व में वह लड़ाई लड़ी गई उसमें पटेल, सुभाष चंद्र बोस तक शामिल हैं। उनके योगदान को नकारना इतिहास को नकारना है। आपको उनके विचारों से जो भी परहेज हो, लेकिन उनके योगदान को न नकारें।

बंटवारे की पीड़ा पूरे देश को
बंटवारे की पीड़ा पूरे देश को थी। क्या आज हम यह कथन कहना चाहते हैं कि संविधान निर्माताओं को नागरिकता को लेकर कोई समझ नहीं थी। बंटवारे की पीड़ा से जो लाखों लोग भारत आए क्या उन्हें सम्मान नहीं मिला? भारत में दो-दो प्रधानमंत्री भी हुए डॉक्टर मनमोहन सिंह और आई के गुजराल।

इतिहास इसे किस दृष्टि से देखेगा, यह वक्त बताएगा
सरकार का कथन है कि सबसे बातचीत हो चुकी है मैं इससे सहमत नहीं हूं। आपने कहा कि यह ऐतिहासिक बिल है तो इतिहास इसे किस दृष्टि से देखेगा, यह वक्त बताएगा। हम इसका विरोध करते हैं। विरोध का कारण राजनैतिक नहीं संवैधानिक है, नैतिक है। यह बिल संविधान की मूल आत्मा पर आघात है। यह हमारे गणराज्य के पवित्र संविधान की प्रस्तावना के विरुद्ध है।

सरदार पटेल मोदी जी से मिलेंगे तो वे उनसे बहुत नाराज होंगे
आनंद शर्मा ने कह कि हमारे धर्म में हम पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं और हम अपने बुजुर्गों से मिलते हैं। इसलिए अगर सरदार पटेल मोदी जी से मिलेंगे तो वे उनसे बहुत नाराज होंगे, गांधी जी भी जरूर उदास होंगे, लेकिन सरदार पटेल वास्तव में बहुत नाराज होंगे।

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