प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा और यह धार्मिक प्रताड़ना के पीड़ित शरणार्थियों को स्थायी राहत देगा। उन्होंने कहा कि कुछ दल इस विधेयक को लेकर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।
भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह महीने में सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जा संबंधी प्रावधानों को समाप्त करने, अर्थव्यवस्था की मजबूती, किसानों सहित विविध क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए हैं और पार्टी सांसद इन कार्यों को जनता के बीच लेकर जाएं।
सूत्रों के अनुसार, मोदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कुछ राजनीतिक दलों के नेता वैसी ही भाषा का उपयोग कर रहे हैं जैसी भाषा का उपयोग पाकिस्तान करता है और पार्टी सांसदों को इससे जनता को अवगत कराना चाहिए। उनकी टिप्पणी को नागरिकता संशोधन विधेयक पर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के विरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि यह देश को धार्मिक आधार पर बांटने का प्रयास है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा और यह धार्मिक प्रताड़ना के पीड़ित शरणार्थियों को स्थायी राहत देगा। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में दोपहर 12 बजे चर्चा एवं पारित होने के लिए रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च सदन में यह आसानी से पारित हो जायेगा।
भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कर्नाटक उपचुनाव में भाजपा की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेश की जनता, मुख्यमंत्री बी एस येदियुप्पा और प्रदेश नेतृत्व को बधाई भी दी। मोदी ने कहा कि कर्नाटक उपचुनाव में हमारी पार्टी ने दो सीट ऐसी जीती हैं जिन्हें पहले कभी नहीं जीत पाई थी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक जीत के लिए हम सभी को प्रदेश की जनता का खड़े होकर अभिवादन करना चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद, सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत, विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित पार्टी सांसदों ने हिस्सा लिया।