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सीएए पर हो रहे विवाद के बीच पाकिस्तान से आई हसीना को मिली भारत की नागरिकता

Thu, 19 Dec 2019 09:29 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, द्वारका
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हसीना बेन को मिली नागरिकता - फोटो : Twitter
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देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर विरोध  प्रदर्शन जारी है। इस कानून को संविधान के खिलाफ बताकर विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं। इन सब विरोध प्रदर्शनों के बीच गुजरात में पाकिस्तान से आई एक महिला को भारत की नागरिकता प्रदान की गई है। पाकिस्तान से वापस लौटकर भारत आईं हसीना बेन ने दो साल पहले भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद भारत सरकार द्वारा उन्हें नागरिकता प्रदान की गई है। 

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हसीना बेन मूलरूप से भारत की रहने वालीं थी। लेकिन 1999 में शादी के बाद वह पाकिस्तान चली गई थीं। पाकिस्तान में रहने के दौरान उनके पति की मौत हो गई, जिसके बाद उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया। दो साल पहले हसीना ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया था। अब 18 दिसंबर, 2019 को भारत सरकार की ओर से उन्हें नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया गया है। 
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गुजरात के द्वारका में हसीना बेन ने भारतीय नागरिकता लेने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा था। द्वारका कलेक्टर डॉ नरेंद्र कुमार मीणा की तरफ से हसीना बेन को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया गया। 

नागरिकता कानून का हो रहा है विरोध
गौरतलब हो कि भारत सरकार के द्वारा हाल ही में नागरिकता संशोधन कानून लागू किया गया है, जिसकी वजह से देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। दूसरी विपक्षी पार्टियां यह कहकर इस कानून का विरोध कर रही है कि ये कानून संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है और इसके साथ ही कई अन्य बातों का भी उल्लंघन करता है। विपक्ष का आरोप ये भी है केंद्र सरकार का ये कानून देश में अल्पसंख्यकों के प्रति भय पैदा करता है। 

कानून को लेकर अमित शाह का बयान
नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि ये कानून वापस नहीं लिया जाएगा और मोदी सरकार इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर रहेगी। नागरिकता कानून का विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं से अमित शाह ने अपील की है कि वह लोग कानून के बारे में पूरी जानकारी लें। अमित शाह ने कहा कि कानून के बारे में छात्रों की जानकारी सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार की वेबसाइट पर कानून को पढ़ा जा सकता है। अमित शाह ने दावा किया कि मोदी सरकार किसी के खिलाफ अन्याय नहीं करती है और छात्रों और युवाओं को अगर नागरिकता संशोधन कानून में किसी के खिलाफ कोई अन्याय जैसी बात दिखती है तो वो सरकार को बता सकते हैं।

क्या है नागरिकता कानून
नागरिकता कानून की मदद से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश सेधार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। 
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नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और आस-पास के देशों के हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के वो लोग जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 की निर्णायक तारीख तक भारत में प्रवेश कर लिया था। वे सभी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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