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ओवैसी का सरकार पर हमला, कहा- एनपीआर और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलू, दोनों के नियम समान

Sat, 28 Dec 2019 01:56 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
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Asaduddin Owaisi - फोटो : Facebook
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। गौरतलब हो कि एआईएमआईएम प्रमुख के इस दावे से एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने स्पष्ट किया था कि इन दोनों का एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है। 

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ओवैसी ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि एनपीआर और एनआरसी के बीच कोई अंतर नहीं है। मैं आपको बता रहा हूं कि एनपीआर और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। एनपीआर और एनआरसी के नियम समान हैं। 

हैदराबाद सांसद ने कहा कि ये नियम नागरिकता कानून, 1955 के मुताबिक बनाए गए हैं, जिसमें एनपीआर और एनआरसी का जिक्र है...अगर देश में एनपीआर होगा तो एनआरसी भी होगा। 
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2010 और 2020 के एनपीआर में पूछे जाने वाले सवालों में अंतर: ओवैसी
ओवैसी ने भाजपा नेताओं पर इस मुद्दें को लेकर टीवी चैनलों के जरिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। कुछ भाजपा नेताओं द्वारा यह कहने पर कि एनपीआर की प्रक्रिया 2010 में तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा भी कराई गई थी, का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि 2010 और 2020 के एनपीआर में अंतर पूछे जाने वाले सवालों का है। उन्होंने दावा किया कि 2020 के एनपीआर में परिजनों के जन्म स्थान और जन्मतिथि को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। 

सरकार की मंशा साफ होती तो पहले एनपीआर और एनआरसी कराते फिर सीएए लाते
ओवैसी ने कहा कि अगर एनडीए सरकार की मंशा साफ होती तो वह पहले एनपीआर और एनआरसी की प्रक्रिया कराते और उसके बाद नागरिकता संशोधन कानून लाते। ओवैसी ने प्रदर्शन बैठक में कहा कि मोदी नागरिकता संशोधन कानून क्यों लाए? वह इसे इसलिए लेकर आए क्योंकि अब एनपीआर की प्रक्रिया होगी। 

तेलंगाना में एनपीआर प्रक्रिया रोकने की मांग
ओवैसी विवादों में घिर नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ जारी अपने अभियान के तहत शुक्रवार की रात निजामाबाद में प्रदर्शन बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायक, वामपंथी एवं अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

हालांकि, विपक्षी कांग्रेस ने घोषणा की थी कि वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। ओवैसी के अलावा संयुक्त मुस्लिम कार्य समिति के प्रतिनिधियों ने 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी और उनसे केरल की ही तरह तेलंगाना में भी राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) की प्रक्रिया को रोकने का अनुरोध किया था।

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