नागरिकता संशोधन अधिनियम पर असम से शुरू हुआ गुस्सा धीरे-धीरे पूरे देश को अपनी चपेट में ले रहा है। गुरुवार सुबह से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन की खबरें आने लगीं। देश की राजधानी दिल्ली में स्थिति संभालने के लिए प्रशासन ने लगभग बीस मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय, आईटीओ, सीलमपुर, जामिया नगर जैसे मेट्रो स्टेशनों से लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
वहीं दरियागंज, राजघाट, आईटीओ, जामिया नगर, सीलमपुर, जाफराबाद और तुर्कमानगेट के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बैरीकेडिंग कर दी गई है और वाहनों के आवागमन पर प्रशासन की सख्त नजर बनी हुई है।
फ्लैग मार्च, दंगा नियंत्रण वाहनों ने संभाला मोर्चा
दरिया गंज, सीलम पुर, गांधीनगर, शास्त्री पार्क और अन्य इलाकों में सुबह से ही सुरक्षा बलों के दस्तों ने फ्लैग मार्च कर लोगों में सुरक्षा का अहसास कराने की कोशिश की। अनेक इलाकों के प्रवेश मार्ग पर सुरक्षा बलों की मजबूत तैनाती कर दी गई। राजघाट के आसपास हिंदू संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस का मजबूत घेरा बना दिया गया है। अनेक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।
जामिया और सीलमपुर जैसे इलाकों पर विशेष निगाह
रविवार को जामिया और मंगलवार को सीलमपुर के इलाकों में नागरिकता कानून के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन काफी उग्र हो गया था। पुलिस ने इन इलाकों पर विशेष निगाह रखी हुई है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सभी जगहों पर पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इन इलाकों में दोबारा हिंसा भड़कने की संभावना हो सकती है। इससे माहौल बेकाबू हो सकता है। यही कारण है कि एहतियातन इलाकों के सभी अराजक तत्वों पर नजर रखी जा रही है।
'भाजपा यानी भारत जलाओ पार्टी'
देश के मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि वे भाजपा शुरू से ही भारत जलाओ पार्टी कहते रहे हैं। यह अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह काम कर रही है। अपने लाभ के लिए लोगों को जाति-धर्म के नाम पर लड़ा रही है। कांग्रेसी नेता ने कहा कि केवल एक विदेशी सरकार ही भारतीयों से उनके भारतीय होने पर सवाल उठा सकती है, लेकिन दुर्भाग्य से आज यह काम हमारी अपनी सरकार कर रही है, जिससे लगता है कि वह गलत भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को एनआरसी और नागरिकता संशोधन अधिनियम कानून तत्काल वापस लेना चाहिए।
संविधान की शपथ
वहीं, इंडियन यूथ कांग्रेस ने राजघाट पर संविधान बचाओ के नाम पर बड़ा धरना-प्रदर्शन करने का फैसला किया है। यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता अमरीश रंजन पांडेय ने कहा कि सरकार को अहंकार त्यागकर पूरे देश को साथ में लेकर चलना चाहिए अन्यथा इस देश में लोकतंत्र का अर्थ समाप्त हो जाएगा।
कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने गुरुवार पूरे देश में रामप्रसाद विस्मिल और अशफाक उल्ला खां के शहीदी दिवस के आयोजन के बहाने देश में हिंदू-मुस्लिम एकता का मुद्दा उठाया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव एसएस फारुकी ने बताया कि पूरे देश के हर जिला मुख्यालय में संविधान की प्रस्तावना को पढ़कर उसकी मूल भावना को बरकरार रखने की शपथ ली गई।