सिटी फाइनेंस रैंकिंग 2022 का उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) का मूल्यांकन, पहचान करना और उन्हें तीन वित्तीय मापदंडों - संसाधन जुटाना, खर्च प्रदर्शन और वित्तीय प्रणाली में उनकी ताकत के आधार पर पुरस्कृत करना है।
अब देश के शहरों की रैंकिंग वित्तीय प्रदर्शन और सौंदर्यीकरण के आधार पर की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय आवास और शहरी मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को एक दिशा निर्देश जारी किया। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, भारत ने दुनिया में कहीं भी शहरी कायाकल्प के लिए सबसे महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। प्रतिस्पर्धा की एक स्वस्थ भावना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों को गर्व की भावना देती है।
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पुरी ने कहा कि यह विचार इस साल जून में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक के दौरान आया था। स्थानीय निकायों के बीच यह अहसास बढ़ रहा है कि यदि आपके पास अच्छी वित्तीय स्थिति है, यदि आपकी प्रक्रियाएँ पारदर्शी हैं तो जमीन का मूल्य बढ़ता है। यही इस उद्यम की सुंदरता है जिसे लॉन्च किया जा रहा है।
सिटी फाइनेंस रैंकिंग 2022 का उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) का मूल्यांकन, पहचान करना और उन्हें तीन वित्तीय मापदंडों - संसाधन जुटाना, खर्च प्रदर्शन और वित्तीय प्रणाली में उनकी ताकत के आधार पर पुरस्कृत करना है। शहरों की वित्त रैंकिंग 15 संकेतकों और प्रमुख नगरपालिका के तीन वित्त मानदंडों में मेट्रिक्स पर प्रत्येक भाग लेने वाले यूएलबी का मूल्यांकन करेगी। इसे एक साथ रखे जाने पर सबसे अधिक वित्तीय रूप से टिकाऊ और जवाबदेह शहरों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
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रैंकिंग के तहत शहरों को चार जनसंख्या श्रेणियों में से किसी एक के तहत उनके स्कोर के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर रैंक किया जाएगा। इनमें 40 लाख से ऊपर, 10-40 लाख के बीच, एक लाख से दस लाख और एक लाख से कम की आबादी वाले शहर शामिल होंगे। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 4,500 से अधिक शहरों या यूएलबी को सिटी फाइनेंस रैंकिंग 2022 में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रतियोगिता शहर और राज्य दोनों स्तरों पर सबसे खूबसूरत वार्डों को सम्मानित करेगी। शहरों को उनके सबसे खूबसूरत सार्वजनिक स्थानों, वाटरफ्रंट्स, हरित स्थानों, पर्यटन और विरासत स्थलों और बाजार और वाणिज्यिक स्थानों के लिए सम्मानित किया जाएगा। दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने और 30 जनवरी तक जारी करने से पहले शहरों के पास अपनी टिप्पणी देने के लिए 15 जनवरी तक का समय है।