केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) देश भर के हवाई अड्डों की सुरक्षा और चाक-चौबंद करेगी। साथ ही देश के महत्वपूर्ण हवाई अड्डों पर सीआईएसएफ की विशेष नजर रहेगी। इसके लिए दस से अधिक हवाई अड्डों की सुरक्षा कवर को विस्तारित करने जा रहा है। सीआईएसएफ के महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने बताया कि न्यूक्लियर समेत एयरोस्पेस से जुड़े अति महत्वपूर्ण ठिकानों को भी सीआईएसएफ के हाथों में सौंपे जाने की कवायद चल रही है।
सीआईएसएफ मुख्यालय में एक वार्षिक सम्मेलन को संबोधित उन्होंने कहा कि दिल्ली हवाईअड्डे पर सुरक्षा लंदन और दुबई जैसे मशहूर हवाईअड्डों से बेहतर पाई गई है। उन्होंने कहा कि मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरू, कोलकाता तथा चेन्नई हवाईअड्डे की सुरक्षा को डलास/फोर्थ वर्थ इंटरनेशनल तथा लॉस एंजेलिस हवाईअड्डे पर सुरक्षा से अधिक रेटिंग मिली है।
एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल द्वारा एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) रेटिंग का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि भारत के कई हवाईअड्डे अमेरिका, लंदन के हिथ्रो, पेरिस के चार्ल्स डी गौले, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जर्मनी के फ्रैंकफर्ट मेन इंटरनेशनल हवाईअड्डे से बेहतर हैं। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल का मुख्यालय बेल्जियम के ब्रसेल्स में है।
सिंह ने कहा, "साल 2016 में, चार पैमानों पर दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरू, कोलकाता तथा चेन्नई हवाईअड्डों की एएसक्यू रेटिंग दुनिया के मशहूर हवाईअड्डों से अधिक मिली है। इन पैमानों में सुरक्षा कर्मचारियों का शिष्टाचार व सहयोग, अच्छी तरह से सुरक्षा जांच, सुरक्षा जांच के दौरान वेटिंग टाइम तथा यात्रियों द्वारा खुद को सुरक्षित महसूस करना शामिल था।"
साथ ही न्यूक्लियर समेत एयरोस्पेस से जुड़े अति महत्वपूर्ण ठिकानों को भी सीआईएसएफ के हाथों में सौंपे जाने की कवायद चल रही है।इस बाबत केंद्रीय गृहमंत्रालय ने प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित स्टील प्लांट, गुरुग्राम स्थित UIDAI ऑफिस समेत कुछ और स्थानों पर भी अब सीआईएसएफ के जवान देखने को मिलेंगे। इसके अलावा नवी मुंबई के रिलायंस कॉर्पोरेशन पार्क की सुरक्षा का जिम्मा भी सीआईएसएफ के पास होगा।