सीआईएसएफ के जवान अभिषेक वर्मा सम्मानित।
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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान अभिषेक वर्मा को दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध बैग लेकर भाग रहे यात्री का पीछा कर उसे रोकने के लिए सम्मानित किया गया है। वर्मा को महानिदेशक प्रशंसा पत्र के अलावा 10,000 का नकद पुरस्कार मिला है। अभिषेक असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के रहने वाले हैं। वे फिलहाल डीएमआरसी इकाई में तैनात हैं।
बता दें कि 17 अक्टूबर को एक यात्री, स्टेशन की सुरक्षा जांच पर पहुंचा। एक्स-रे बैगेज स्कैनर में उसके बैग के अंदर रखा एक बेहद घना सामान स्क्रीन पर काले रंग का दिखाई दिया। सीआईएसएफ कर्मियों ने उससे बैग खोलकर दिखाने को कहा। इस पर वह बैग उठाकर फ्रिस्किंग बूथ से भागा और एस्केलेटर से निकास गेट की ओर दौड़ पड़ा। प्रवेश द्वार की फ्रिस्किंग ड्यूटी पर तैनात अभिषेक वर्मा ने अपने साथियों के साथ उसका पीछा किया। स्टेशन से बाहर निकलने से पहले ही उसे गेट पर धर दबोचा। इसके बाद यात्री को स्टेशन कंट्रोल रूम लाया गया।
यात्री ने खुद को कुआलालंपुर में रहने वाला अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) बताया, जो एक दिन पहले ही भारत आया था। उसके बैग में एक अंडरगारमेंट के अंदर सिलाई करके छिपाया गया अर्ध-ठोस पदार्थ मिला। मौके पर इसकी पहचान न हो पाने के कारण दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस (डीएमआरपी) को बुलाया गया। आगे की जाँच के लिए यात्री को सामान सहित पुलिस को सौंप दिया गया। अभिषेक वर्मा 29 मई 2018 को सीधी भर्ती से सीआईएसएफ में शामिल हुए और बल में आठ वर्ष से अधिक की सेवा दे चुके हैं।
सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, ने कहा कि अभिषेक वर्मा ने संदिग्ध बैग लेकर भाग रहे व्यक्ति को रोकने में असाधारण सतर्कता, चौकसी और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उच्च पेशेवर दक्षता और सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है। मोर्चे पर तैनात जवानों की ऐसी सूझबूझ ही मेट्रो से रोज सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सुरक्षित रखती है।
ड्यूटी के दौरान अभिषेक वर्मा की सूझबूझ, साहस और उनकी टीम की चौकसी ने सुरक्षा जाँच के कुछ अहम पलों को समय पर सही नतीजे में बदल दिया। उनकी यह कार्रवाई उस निरंतर सतर्कता और तत्परता की याद दिलाती है, जिसके साथ सीआईएसएफ कर्मी दिल्ली मेट्रो के हर प्रवेश द्वार पर तैनात रहते हैं।