राज्यसभा की कार्यवाही, सभापति के आसन के ठीक सामने का हिस्सा (यू शेप वाला) वेल होता है (फाइल)
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उम्मीद है- भविष्य में सदन के वेल में नहीं घुसेंगे सीआईएसएफ कर्मी
उन्होंने कहा कि जिस समय राज्यसभा सदस्य जब अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं... उस समय सुरक्षाकर्मियों का सदन के वेल में आना बेहद आपत्तिजनक है और वे इसकी कड़ी निंदा करते हैं। खरगे ने लिखा, 'हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में, जब सदस्य जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे होंगे, तो सीआईएसएफ कर्मी सदन के वेल में नहीं आएंगे।'
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क्या होता है राज्यसभा का वेल
संसद की कार्यवाही संचालन के समय सभापति के आसन के ठीक सामने राज्यसभा महासचिव बैठते हैं। उनके अलावा सदन की कार्यवाही चलाने में मदद करने वाले कई अन्य पदाधिकारी भी होते हैं। सांसदों के बैठने की जगह और सभापति के आसन के बीच अर्धचंद्राकार या यू शेप वाले हिस्से को सदन का वेल कहा जाता है। इस जगह पर बिना अनुमति के आना नियमों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
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जब सदन के वेल में घुसकर माननीयों ने खुद तोड़ी मर्यादा की सीमाएं
सदन के वेल में आना इसलिए भी आपत्तिजनक है क्योंकि राज्यसभा महासचिव और उनके अन्य सहयोगी पदाधिकारियों के पास संवेदनशील और आधिकारिक संसदीय दस्तावेज होते हैं। बीते कुछ समय में इस जगह पर आने के कारण कई सांसदों को निलंबन का दंड भी झेलना पड़ा है। हंगामा और शोरशराबा करने के बाद उग्र हुए कुछ सांसदों ने तो मर्यादा की तमाम सीमाओं को तोड़ते हुए महासचिव की टेबल पर चढ़ने से भी गुरेज नहीं किया। ऐसे अशोभनीय आचरण करने वाले सांसदों को पूर्व उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के तत्कालीन सभापति वेंकैया नायडू ने सदन से पूरे सत्र निलंबित कर दिया था।