दिल्ली मेट्रो में सुरक्षा का जिम्मा महिला सुरक्षाकर्मियों को सौंपा गया
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सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में अपनी यूनिट की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) विंग में 22 महिला कर्मियों को शामिल किया है। इससे पूरे नेटवर्क में आपातकालीन स्थिति से निपटने की क्षमता और मजबूत होगी। किसी भी तरह की आपात स्थिति में महिला कमांडो की यह टीम करारा जवाब देने में सक्षम है।
किन स्टेशनों पर रहेगी तैनाती?
महिला कमांडो को उन मेट्रो स्टेशनों पर तैनात किया गया है जहां महिला यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, जैसे
राजीव चौक, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, सरोजिनी नगर और
दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस स्टेशन।
आपात स्थिति से निपटने की क्या तैयारियां?
शामिल किए जाने के बाद, इन कर्मियों ने ऑपरेशनल तैयारी को बेहतर बनाने के लिए खास टैक्टिकल और हथियारों की ट्रेनिंग ली है। अब वे ऑपरेशनल ड्यूटी पर तैनात हैं और अपने तय स्टेशनों पर सुरक्षा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
सबसे व्यस्त शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम, DMRC का जिम्मा किसे?
देश भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी के तहत सीआईएसएफ को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। यह कदम देश के सबसे व्यस्त शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में से एक के लिए जेंडर-इन्क्लूसिव (सभी लिंगों को शामिल करने वाला) और ऑपरेशन के लिहाज से फुर्तीला सुरक्षा ढांचा बनाने पर फोर्स के लगातार फोकस को दिखाता है।