केंद्र सरकार ने बंगलूरू के नैटग्रिड परिसर की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ जवानों की तैनाती को मंजूरी दी है। इसके लिए 76 पद स्वीकृत हुए हैं। नैटग्रिड आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए डेटा जुटाने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। दिल्ली स्थित इसके मुख्यालय की सुरक्षा पहले से ही सीआईएसएफ संभाल रही है।
केंद्र सरकार ने बंगलूरू में स्थित नैटग्रिड (NATGRID) परिसर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। अर्धसैनिक बल के एक प्रवक्ता ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने इस सुरक्षा कार्य के लिए कुल 76 पदों को स्वीकृति दी है।
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नैटग्रिड क्या है?
नैटग्रिड राष्ट्रीय सुरक्षा का एक बेहद महत्वपूर्ण ढांचा है। यह आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहायता के लिए कई खुफिया और कानून प्रवर्तन डेटाबेस से जानकारी इकट्ठा करता है। नैटग्रिड का यह परिसर कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू के येलहंका में बना है। दिल्ली में स्थित इसका मुख्यालय पहले से ही सीआईएसएफ की सुरक्षा में है। यह बल नैटग्रिड को आतंकवादी हमलों और किसी भी तरह की तोड़फोड़ से सुरक्षा प्रदान करता है।
गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाला सीआईएसएफ सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों को सशस्त्र सुरक्षा कवच देता है। पिछले हफ्ते भी इसी तरह का एक कदम उठाया गया था। सीआईएसएफ ने दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित सुषमा स्वराज भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली थी। वहां सुरक्षा के लिए 90 जवानों को तैनात किया गया है।
सुषमा स्वराज भवन विदेश मंत्रालय के तहत एक सांस्कृतिक केंद्र है। यहां भारतीय प्रवासियों के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस भवन को पहले 'प्रवासी भारतीय केंद्र' के नाम से जाना जाता था। अब नैटग्रिड के बंगलूरू केंद्र को भी इसी तरह का मजबूत सुरक्षा घेरा मिल गया है।