फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

College Washroom Filming Case: कॉलेज के शौचालय में वीडियो बनाने के मामले की जांच CID को, सिद्धारमैया का एलान

Mon, 07 Aug 2023 09:02 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उडुपी (कर्नाटक)

सार

भाजपा ने इस मुद्दे पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करते हुए तीन लड़कियों की गिरफ्तारी और घटना की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग की थी। वहीं, संबंधित कॉलेज की निदेशक ने बताया कि 19 जुलाई को हुई घटना बारे में पता चलने के बाद तीनों लड़कियों को अगले दिन कॉलेज से निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन
सिद्धारमैया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को एलान किया कि कर्नाटक सरकार ने तीन लड़कियों द्वारा एक कॉलेज के शौचालय के अंदर एक साथी छात्रा का कथित तौर पर वीडियो बनाने का मामला आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि ऐसा आरोप है कि उडुपी के एक निजी कॉलेज के शौचालय में एक वीडियो फिल्माया गया था। चूंकि, यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए मामले को आगे की जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया है।

विज्ञापन


दरअसल, 19 जुलाई को हुई इस घटना पर जमकर राजनीति हो रही है। सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर आरोपों के तीर चला रहे हैं। इसको लेकर शहर में काफी विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने उन तीन छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर यहां एक कॉलेज के शौचालय में एक अन्य लड़की का वीडियो बना लिया था।

26 जुलाई को पुलिस ने लिया स्वत: संज्ञान
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्य खुशबू सुंदर ने घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए 26 जुलाई को उडुपी का दौरा किया था। हालांकि, पीड़िता ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, इसलिए पुलिस ने 26 जुलाई को उडुपी के मालपे पुलिस थाने में इस संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए एक मामला दर्ज किया था। मामले में पुलिस उपाधीक्षक स्तर की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


तीनों लड़कियों को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया
भाजपा ने इस मुद्दे पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करते हुए तीन लड़कियों की गिरफ्तारी और घटना की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग की थी। वहीं, कॉलेज की निदेशक रश्मि कृष्ण प्रसाद के मुताबिक, 19 जुलाई को हुई घटना बारे में पता चलने के बाद तीनों लड़कियों को अगले दिन कॉलेज से निलंबित कर दिया गया। तीनों लड़कियों ने बाद में पीड़िता को बताया कि उन्होंने गलती से उसका वीडियो बना लिया, जबकि उनका निशाना कोई और था और फिर उन्होंने वीडियो हटा दिया।

जी परमेश्वर के बयान के बाद राजनीति तेज
मामले में राजनीति उस दिन काफी तेज हो गई जब कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने इसे एक छोटी सी घटना करार दिया था, जिसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इसके बाद आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कई दिनों तक शहर में व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें